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Bihar Politics: बिहार पॉलिटिक्स में आनंद है! JDU -Anand Mohan Row पढ़िए – नीतीश, जेल और दावा- जेडीयू टूटने वाली है!

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JDU Anand Mohan Row: ‘अगर नीतीश न होते तो जेल में होते आनंद मोहन’, JDU का पलटवार

JDU Anand Mohan Row: बिहार की सियासत में इन दिनों गहमागहमी तेज है। पूर्व सांसद आनंद मोहन के ‘थैली की राजनीति’ वाले आरोप पर जनता दल यूनाइटेड ने करारा पलटवार किया है। JDU ने साफ कह दिया है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहल न की होती, तो आनंद मोहन आज भी जेल से बाहर नहीं आ पाते।

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बिहार के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) पर ‘थैली की राजनीति’ का गंभीर आरोप लगाया था। इस JDU Anand Mohan Row के जवाब में सोमवार को पटना में जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार और प्रवक्ता निहोरा यादव ने मिलकर जोरदार पलटवार किया। JDU नेताओं ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए आनंद मोहन को उनके बीते दिनों और परिवार के सदस्यों को मिले राजनीतिक पदों की याद दिलाई। उन्होंने साफ कहा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहल नहीं की होती, तो आनंद मोहन आज भी जेल की सलाखों से बाहर नहीं आ पाते। सत्ताधारी दल ने यह कड़ा रुख इसलिए अख्तियार किया है, क्योंकि आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद वर्तमान में JDU से सांसद हैं और उनके बेटे चेतन आनंद विधायक हैं। इसके बावजूद वे सार्वजनिक मंचों से अपनी ही सहयोगी पार्टी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।

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सत्ताधारी दल का तीखा हमला: ‘नीतीश न होते तो जेल में होते आनंद मोहन’

जदयू प्रवक्ता निहोरा यादव ने आनंद मोहन के इन बयानों को सिरे से खारिज करते हुए उनकी राजनीतिक निष्ठा पर प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि आनंद मोहन खुद भले ही आधिकारिक तौर पर JDU के सदस्य न हों, लेकिन उनके परिवार के दो-दो अहम सदस्य पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे हैं। निहोरा यादव ने आरोप लगाया कि जब उनकी पत्नी को लोकसभा का टिकट मिला और बेटे को विधानसभा चुनाव में उतारा गया, तब आनंद मोहन को पार्टी में कोई कमी नजर नहीं आती थी। अब केवल परिवार के किसी सदस्य को मंत्री पद न मिलने की वजह से वे अचानक मुख्यमंत्री और संगठन की आलोचना करने लगे हैं, जो उनकी व्यक्तिगत हताशा और महत्वाकांक्षा को उजागर करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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JDU Anand Mohan Row: धनबल की राजनीति के आरोपों पर JDU की खुली चुनौती

पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने ‘थैली की राजनीति’ यानी धनबल की राजनीति के आनंद मोहन के आरोपों पर उन्हें खुली चुनौती दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता दल यूनाइटेड के इतिहास में आज तक ऐसा एक भी उदाहरण नहीं है, जब किसी नेता को पैसे के दम पर राज्यसभा, लोकसभा, विधान परिषद या किसी आयोग में भेजा गया हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार की राजनीति हमेशा से शुचिता और ईमानदारी पर आधारित रही है, जहाँ कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत और समर्पण के बल पर आगे बढ़ाया जाता है। JDU में किसी भी तरह के धन के कारोबार की बात सोचना भी बेबुनियाद और हास्यास्पद है।

नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास और शुचिता का दावा

नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व और राज्य में हुए विकास कार्यों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने रेखांकित किया कि आज बिहार के हर गांव की सड़कें, हर घर तक पहुंची बिजली और नई स्कूल इमारतें नीतीश कुमार की दूरदर्शी कार्ययोजनाओं का ही सीधा परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ जनता ही नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधी भी मन ही मन नीतीश कुमार के विकास मॉडल का लोहा मानते हैं। ऐसे में अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के पूरे न होने पर पार्टी की साख पर उंगली उठाना पूरी तरह से गलत है और जनता ऐसे बयानों की असलियत को भली-भांति समझती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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JDU-BJP विवाद: आरजेडी का दावा- जेडीयू टूटने वाली है, नीतीश सरकार पर संकट गहराया?

JDU-BJP विवाद: बिहार की सियासत में आया भूचाल। आरजेडी ने दावा किया है कि सत्ताधारी जेडीयू में सब कुछ ठीक नहीं है और यह दल टूटने की कगार पर है। क्या सच में नीतीश सरकार गिरने वाली है?

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बाहुबली नेता आनंद मोहन के बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के भीतर बड़े असंतोष का दावा किया है। पटना में आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया के सामने एक नई ‘भविष्यवाणी’ करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच अंदरखाने सब कुछ खत्म हो चुका है, जिससे JDU-BJP विवाद खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने आनंद मोहन द्वारा जेडीयू में धन के बल पर पद बांटने के आरोपों को सही ठहराते हुए कहा कि अब सत्ताधारी दल के अपने ही नेता व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। आरजेडी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पुराने बयानों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि बिहार की मौजूदा सरकार अपने अंत के बेहद करीब पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में जेडीयू के कई बड़े चेहरे खुलकर विद्रोह करने वाले हैं।

आरजेडी का दावा और JDU-BJP विवाद की गहराई

विपक्षी दल के प्रवक्ता ने जेडीयू के राजनीतिक भविष्य को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आनंद मोहन तो महज शुरुआत हैं और अभी विद्रोह करने वाले नेताओं की एक बहुत लंबी सूची सामने आना बाकी है। आरजेडी के अनुसार, जेडीयू अब समाप्ति की कगार पर खड़ी है और इसके विभिन्न गुट जल्द ही अलग-अलग राह पकड़ लेंगे। इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष बिहार की राजनीति में सरकार के गिरने के संकेत के रूप में देख रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

ललन सिंह पर पलटवार और विलय का आरोप

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह द्वारा सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी बताए जाने वाले बयान पर भी आरजेडी ने तीखा तंज कसा। मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जेडीयू का वजूद अब व्यावहारिक रूप से समाप्त हो चुका है और इसका पूरी तरह से भाजपा में विलय होने की पटकथा लिखी जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू के कई मौजूदा बड़े नेताओं के भीतर वास्तव में भाजपा की विचारधारा ही काम कर रही है, जिससे इस विलय को और आसानी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है।

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महंगाई और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन की बचत और सोने की खरीद कम करने संबंधी हालिया अपील पर भी राष्ट्रीय जनता दल ने कड़ा ऐतराज जताया। आरजेडी नेता ने कहा कि केंद्र सरकार देश की जनता को विदेश न जाने और सादगी से रहने की नसीहत देती है, जबकि प्रधानमंत्री खुद लगातार विदेशी दौरों पर बने रहते हैं। उन्होंने ‘अच्छे दिन’ के वादे को केवल सत्ता पक्ष के लिए सच बताते हुए कहा कि देश की आम जनता आज महंगाई के कारण वाहन चलाने और सोना खरीदने की स्थिति से पूरी तरह बाहर हो चुकी है। निशांत कुमार मामले और लॉ एंड ऑर्डर पर स्थिति साफ करते हुए मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि तेजस्वी यादव ने कभी भी मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में घसीटने संबंधी कोई बयान नहीं दिया है और विपक्ष इस मामले से पूरी तरह दूर है। इसके साथ ही, राज्य की कानून-व्यवस्था और यूपी के ‘योगी मॉडल’ की चर्चाओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि केवल एनकाउंटर करने से अपराध कम नहीं होते। वर्तमान में बिहार के भीतर अपराधियों के मन से पुलिस और प्रशासनिक वर्दी का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसे ठीक करना सरकार की असली जिम्मेदारी होनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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