
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: गरमाई सियासत में हर सवाल की आंच तेज है, जब देश की सुरक्षा और व्यापारिक हितों का मामला हो तो कोई चुप क्यों रहे? दिल्ली की सड़कों से उठा एक सवाल अब समंदर की गहराइयों तक पहुंच गया है, जहां भारत के जहाजों का भविष्य अधर में लटका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: केजरीवाल का सीधा सवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों के पारगमन पर ईरानी नेतृत्व का रुख क्या है। ईरान के राष्ट्रपति से हुई बातचीत के बाद केजरीवाल ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या देशवासी जल्द ही इस गंभीर संकट से मुक्त हो पाएंगे? उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री से जानना चाहा कि क्या ईरानी नेतृत्व ने इस संबंध में कोई ठोस आश्वासन दिया है। केजरीवाल ने अपनी पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री जी, क्या ईरान के राष्ट्रपति ने आपको आश्वासन दिया है कि वे हमारे जहाजों को होर्मुज से गुजरने देंगे? क्या देशवासी जल्द ही इस गंभीर संकट से मुक्त हो पाएंगे?”
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आई थी, जिसमें उन्होंने गुरुवार रात पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर चर्चा करने के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के साथ महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में क्षेत्र में तनाव बढ़ने, खासकर नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था, “क्षेत्र में गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए मैंने ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियान से बातचीत की। तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर मैंने गहरी चिंता व्यक्त की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।”
भारतीय हितों की सुरक्षा: सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माल और ऊर्जा आपूर्ति का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना भी भारत के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा, “भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ माल और ऊर्जा का निर्बाध आवागमन भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संवाद तथा कूटनीति का आग्रह किया।
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि भारत ईरान में अपने 9,000 नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है, जिनमें से कई छात्र और अन्य लोग दूतावास की सहायता से घर लौट रहे हैं। जायसवाल ने इस बात की पुष्टि की कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ तीन टेलीफोन वार्ताएं की हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


