



Madhya Pradesh Tiger Deaths: जंगल की आत्मा, भारतीय संस्कृति का गौरव, जब यूं ही अकाल मृत्यु को प्राप्त हो तो हर वन्यजीव प्रेमी का हृदय विदीर्ण हो जाता है। मध्य प्रदेश से आई यह खबर एक बार फिर वन्यजीवन के समक्ष खड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।
मध्य प्रदेश टाइगर डेथ्स: शहडोल में दो बाघों की करंट लगने से मौत, 7 गिरफ्तार; संरक्षण पर फिर उठे सवाल
मध्य प्रदेश टाइगर डेथ्स: क्या कह रही है वन विभाग की जांच?
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के उत्तर वन मंडल से एक हृदय विदारक समाचार सामने आया है। यहां एक बाघ और एक बाघिन की दुखद मौत बिजली के करंट लगने से हो गई, जिसने वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो किसानों सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस वर्ष मध्य प्रदेश में बाघों की मौतों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है, और इन दो नई मौतों के साथ, राज्य में इस साल अब तक कुल नौ बाघ अपनी जान गंवा चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
शहडोल उत्तर संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) तरुणा वर्मा ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने मुख्य रूप से जंगली सूअरों को पकड़ने के उद्देश्य से खेतों में बिजली के तार बिछाए थे। दुर्भाग्यवश, इन तारों की चपेट में आकर लगभग छह साल का एक बाघ और करीब सात साल की एक बाघिन फंस गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों बाघ-बाघिन की मृत्यु का कारण बिजली का झटका ही था। यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और अवैध शिकार की रोकथाम में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है।
शावक की तलाश और गिरफ्तारी
वर्मा ने आगे बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी सामने आया है कि दोनों बाघों की मौत उन्हें मृत पाए जाने से लगभग 48 से 72 घंटे पहले हो चुकी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृत बाघ-बाघिन के शवों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी, और शुरुआती जांच में अवैध शिकार की कोई संभावना नहीं दिखती है। बाघिन के शावक होने की खबरों पर डीएफओ ने बताया कि घटनास्थल के पास एक बाघ के बच्चे के पदचिह्न पाए गए हैं, जो लगभग तीन से चार दिन पुराने प्रतीत होते हैं। वन विभाग की टीमें उस शावक का पता लगाने के लिए आसपास के क्षेत्रों में गहन खोज अभियान चला रही हैं, ताकि उसे सुरक्षित बचाया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में सरमन यादव (38), मोरनलाल यादव (43), राजेश यादव (49), रामभगत यादव (37), मातादीन यादव (27), जमुना सिंह गोंड (66) और रामचरण सिंह गोंड (59) शामिल हैं। इन सभी को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन सभी पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश, जिसे ‘टाइगर स्टेट’ का दर्जा प्राप्त है, में बाघों की लगातार हो रही मौतें एक गंभीर चिंता का विषय है और यह दर्शाता है कि वन्यजीव संरक्षण के लिए अभी और अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। इन घटनाओं पर नियंत्रण पाने के लिए जमीनी स्तर पर और सख्त निगरानी के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी जरूरी है।



