
Maharashtra Municipal Elections: शुक्रवार का दिन महाराष्ट्र की सियासत में एक नई इबारत लिख गया, जहां सत्ताधारी महायुति गठबंधन ने शहरी किलों को ध्वस्त कर अपना परचम लहराया। यह सिर्फ जीत नहीं, दशकों से एकछत्र राज कर रहे ठाकरे परिवार के गढ़ में सेंध लगाकर एक नए युग का आगाज़ है। मतगणना के बाद आए रुझानों ने शहरी क्षेत्रों में सत्ताधारी दल के लिए स्पष्ट जनादेश का संकेत दिया।
महाराष्ट्र के शहरी राजनीतिक परिदृश्य में शुक्रवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने राज्य के प्रमुख नगर निगमों में शानदार जीत दर्ज की है। गुरुवार को हुए महत्वपूर्ण मतदान के बाद मतगणना में शहरी क्षेत्रों से सत्तारूढ़ दल के पक्ष में स्पष्ट जनादेश सामने आया। गठबंधन ने प्रतिष्ठित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे ठाकरे परिवार के दशकों के एकतरफा वर्चस्व का अंत हुआ और भारत के सबसे समृद्ध नागरिक निकाय के प्रशासन में एक ऐतिहासिक बदलाव आया।
भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति पार्टी ने 29 नगर निगम चुनावों में से 24 में बड़ी बढ़त हासिल की। गठबंधन में भाजपा निर्विवाद रूप से “बड़े भाई” के रूप में उभरी और राज्य के द्वितीयक शहरी केंद्रों में अपनी जबरदस्त ताकत का प्रदर्शन किया। नागपुर में पार्टी ने अपना पारंपरिक गढ़ बरकरार रखते हुए 80 से अधिक वार्डों में बढ़त हासिल की, जिससे कांग्रेस काफी पीछे छूट गई। पिंपरी-चिंचवाड़ और पुणे में भी इसी तरह के रुझान देखने को मिले, जहां अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने महायुति गठबंधन से अलग होकर अपने चाचा शरद पवार की राष्ट्रीय सेना (एसपी) के साथ चुनाव लड़ा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Maharashtra Municipal Elections: BJP का शहरी वर्चस्व और नई राजनीतिक बिसात
भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अजीत पवार की कड़ी चुनौती और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को सफलतापूर्वक मात दी। मुंबई स्थित राज्य भाजपा मुख्यालय में चुनाव परिणामों का जश्न मनाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को “महाविजय” बताया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्थित विकासोन्मुखी राजनीति में मतदाताओं के विश्वास का प्रमाण भी बताया। इन नतीजों से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक अहम उम्मीद मिली है, जिनकी शिवसेना की शाखा ने मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में शानदार प्रदर्शन किया। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ठाणे, कल्याण-डोम्बिवली और मुंबई के उपनगरीय इलाकों के कई वार्डों में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को उसके गढ़ में ही कड़ी चुनौती मिली।
वर्षों से, बीएमसी को ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का अजेय गढ़ माना जाता था। भाजपा की इस जीत के साथ, मुंबई की राजनीति का विमर्श अब मराठी अस्मिता से हटकर भाजपा के विकास और शहरी अवसंरचना के एजेंडे के समर्थन में जनादेश की ओर मुड़ गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा कि बीएमसी चुनावों में भाजपा और शिवसेना का दमदार प्रदर्शन चुनाव प्रचार के दौरान उनके हिंदुत्व के एजेंडे को स्पष्ट जनादेश है। राणे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जो हिंदू की बात करेगा, वो महाराष्ट्र पर राज करेगा।’’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थानीय निकायों के चुनाव और भविष्य की राह
वर्ष 2017 में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के आरोपी श्रीकांत पंगारकर ने जालना नगर निकाय में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में (पार्षद) चुनाव में जीत हासिल की।
कई वर्षों के अंतराल के बाद 15 जनवरी को 29 नगर निकायों के चुनाव हुए, जिनमें से ज्यादातर का कार्यकाल 2020 और 2023 के बीच समाप्त हुआ था। इनमें से नौ नगर निकाय मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में स्थित हैं, जो देश में सर्वाधिक शहरीकरण वाला क्षेत्र है। बृहस्पतिवार को बीएमसी और छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवाड़, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी नगर निकायों में मतदान हुआ था। इसके अलावा, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी नगर निकायों के लिए भी वोट डाले गए थे। यह जनादेश आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







