

Mamata Banerjee Security: जैसे किसी मजबूत किले की दीवारों में सेंध लगने लगे, वैसे ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर सुरक्षा में बार-बार चूक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर पिछले कुछ वर्षों में कई सुरक्षा उल्लंघनों का आरोप लगाया है, जिनमें कथित तौर पर हथियार लेकर परिसर में प्रवेश करने की घटनाएं भी शामिल हैं।
Mamata Banerjee Security: ममता बनर्जी के आवास पर बार-बार सुरक्षा में सेंध, क्या है लापरवाही की वजह?
Mamata Banerjee Security: मुख्यमंत्री के आवास पर घुसपैठ की कोशिशें
विधानसभा चुनाव से पहले एक साक्षात्कार में बनर्जी ने दावा किया कि कम से कम तीन से चार बार घुसपैठ के प्रयास हुए हैं। उन्होंने बताया कि एक बार एक व्यक्ति लोहे की छड़ लेकर परिसर में घुसा, जबकि दूसरी बार एक व्यक्ति कथित तौर पर बंदूक लेकर आया था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब भी ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह कहकर बात टाल दी जाती है कि घुसपैठिया मनोरोगी या मानसिक रूप से अस्थिर था। उन्होंने इस पूरे मामले में अब तक कोई उचित जांच न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हाल ही की एक घटना का जिक्र करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि करीब छह महीने पहले कालीघाट रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ की गई थी। उन्होंने दावा किया कि एक राजनीतिक दल, जो अक्सर उनके लिए परेशानी खड़ी करता है, के सदस्यों ने कैमरों को बंद करवाने के लिए लोगों को भेजा था। उनके अनुसार, स्थानीय निवासियों ने इसमें हस्तक्षेप किया और इसमें शामिल लोगों को पकड़ लिया। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस मामले में की गई किसी भी कार्रवाई की जानकारी नहीं है और उन्होंने पुलिस की ओर से भारी लापरवाही का आरोप लगाया। यह गंभीर सवाल उठाता है कि आखिर मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरा को भेदने की कोशिशें क्यों हो रही हैं और इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
निजी सुरक्षा पर मुख्यमंत्री का रुख
मुख्यमंत्री ने अपनी निजी सुरक्षा को लेकर जताई जा रही चिंताओं का भी जवाब दिया। गृह विभाग का प्रभार संभालते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं देतीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बनर्जी ने कहा, “मुझे अपनी चिंता नहीं है; मुझे दूसरों की चिंता है।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने कभी बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बुलेटप्रूफ कार पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को सौंप दी थी और फिलहाल वे पार्टी की स्कॉर्पियो में सफर करती हैं, सरकारी गाड़ी में नहीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें यहां क्लिक करें। यह बताता है कि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत सुरक्षा से अधिक राज्य की जनता और उनकी सुरक्षा को महत्व देती हैं, भले ही उनके खुद के आवास पर लगातार सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा हो।




