

Mehbooba Mufti Israel statement: जब भूमध्यसागर के तट पर दहकते संघर्ष की आंच वैश्विक कूटनीति की चौखट पर दस्तक दे, तब हर एक कदम, हर एक मुस्कान, एक संदेश बन जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के बाद, जिस पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपने बयानों से सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
Mehbooba Mufti Israel statement: पीएम मोदी की इजराइल यात्रा पर मुफ्ती का कड़ा रुख
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री द्वारा इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई मेलजोल और गर्मजोशी भरे संवाद पर गंभीर आपत्ति जताई। अनंतनाग में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने इस बात पर जोर दिया कि 1.4 अरब से अधिक लोगों के देश के प्रमुख होने के नाते, प्रधानमंत्री को अपने प्रत्येक कूटनीतिक कदम के निहितार्थ और उसके अंतरराष्ट्रीय संदेश के प्रति बेहद संवेदनशील रहना चाहिए। उनका मानना था कि गाज़ा की मौजूदा स्थिति ने वैश्विक समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है, और ऐसे नाजुक समय में किसी भी तरह का सार्वजनिक प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भिन्न संकेत दे सकता है।
महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि गाज़ा संघर्ष के दौरान नागरिकों की भीषण मौतों के लिए नेतन्याहू को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने उन्हें “अंतरराष्ट्रीय अपराधी” तक करार दिया, और यह दावा किया कि कुछ देशों में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना हो सकती है। हालांकि उन्होंने किसी विशेष देश या कानूनी प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनका इशारा अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार के गंभीर मुद्दों की ओर था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भारत की विदेश नीति हमेशा सिद्धांतों पर आधारित रही है।
उन्होंने साफ तौर पर कहा, “प्रधानमंत्री को ऐसे नेताओं को गले लगाते हुए नहीं देखा जाना चाहिए।” मुफ्ती ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से वैश्विक मामलों में एक नैतिक रुख अपनाया है और शांति व न्याय के पक्ष में अपनी स्पष्ट स्थिति रखी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति को इसी गौरवशाली परंपरा के अनुरूप होना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
केंद्र सरकार से कूटनीतिक नीति की समीक्षा की अपील
पीडीपी अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से अपनी कूटनीतिक नीति की गहन समीक्षा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति को उसके घोषित सिद्धांतों – शांति, न्याय और मानवाधिकार – के अनुरूप प्रतिबिंबित होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कई देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय संबंध जटिल दौर से गुजर रहे हैं।



