



Budget 2026-2027: संसद के गलियारों में आर्थिक बहसों की गूँज के बीच, इस बार सियासी तपिश ने भी अपना रंग दिखाया। जब बजट की गरमाहट ने सदन को तपिश दी और विपक्ष ने तल्खी दिखाई, तब लोकतंत्र के मंदिर में न केवल भविष्य की आर्थिक रूपरेखा पर मंथन हुआ, बल्कि सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक भी चरम पर रही।
Budget 2026-2027: संसद में बजट पर घमासान, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से गरमाई सियासत
बजट 2026-2027: लोकसभा में तीखी बहस और अविश्वास प्रस्ताव
संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा में आज वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट पर विस्तृत चर्चा हुई। लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे गतिरोध के बीच यह चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान, विपक्षी खेमे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस प्रस्तुत कर दिया, जिस पर 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सदन में विपक्षी सदस्यों के खिलाफ अध्यक्ष की टिप्पणियां ‘इस संवैधानिक पद का दुरुपयोग’ दर्शाती हैं। मामले से अवगत सूत्रों के अनुसार, ओम बिरला ने महासचिव को उन्हें पद से हटाने के लिए लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव की जांच करने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को लोकसभा में बजट पर सामान्य चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आरोप लगाया कि बजट 2026-27 में बेरोजगारी, रहन-सहन के खर्च और असमानता जैसी प्रमुख समस्याओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए मिर्जा गालिब का एक मशहूर शेर उद्धृत किया, ‘‘हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि इस साल के बजट को देखकर ऐसा लगता है कि कार में एयरबैग को बस ‘रीअरेंज’ कर दिया गया है ताकि उसमें बैठे यात्री सुरक्षित महसूस करें। थरूर ने दावा किया कि बजट ने आम आदमी के संघर्ष पर कोई ध्यान नहीं दिया है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद अपराजिता सारंगी ने केंद्रीय बजट को ‘ऐतिहासिक’ और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में एक निर्णायक मील का पत्थर बताया। उन्होंने मंगलवार को कहा कि देश वैश्विक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रहा है। भाजपा सांसद के अनुसार, यह बजट सरकार की प्रतिबद्धता, संकल्प और निरंतरता को दर्शाता है और इसकी प्रकृति जन-केंद्रित एवं समावेशी है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है और यह बजट निश्चित रूप से इस लक्ष्य की यात्रा में एक बहुत मजबूत कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका के साथ ‘डील’ नहीं, बल्कि ‘ढील’ हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इसी तरह का व्यापार समझौता करना था तो फिर 11 महीने तक इंतजार क्यों करवाया गया। यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसे ‘स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भरता’ जैसे शब्द बोलना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बजट आने से पहले और बाद में भी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बात हो रही थी। तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि उसे पश्चिम बंगाल में लगातार तीन चुनावों में हार का मुंह देखना पड़ा है, और अब चौथी हार भी करीब है। उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी आरोप लगाया कि इस सरकार में जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक, हर चीज पर कर लगाया जा रहा है।
राज्यसभा में जनहित के मुद्दे और आर्थिक चर्चा
राज्यसभा में कांग्रेस के सदस्य मुकुल बालकृष्ण वासनिक ने मंगलवार को सरकार से सामाजिक न्याय पर वार्षिक रिपोर्ट लाने और आर्थिक समीक्षा की तरह ही उसे भी संसद में पेश करने की मांग की। सरकार आम बजट से पहले संसद में आर्थिक समीक्षा पेश करती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को बताया कि तीन फरवरी तक नियमित टीकाकरण के प्रबंधन और निगरानी के लिए बनाए गए यू-विन पोर्टल पर 11.05 करोड़ बच्चे और 3.75 करोड़ गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नड्डा ने कहा कि प्रत्येक लाभार्थी यू-विन पोर्टल से क्यूआर कोड आधारित टीकाकरण प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राज्यसभा में मंगलवार को निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने बच्चों के लिए डिजिटल मंच को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन गेमिंग के विकास से लेकर ‘स्ट्रीमिंग’ तक पूरे तंत्र को विनियमित करने की सरकार से मांग की। राज्यसभा में भाजपा सहित सत्ता पक्ष के दलों ने बजट में की गई घोषणाओं को देश की अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया, जबकि शिवसेना ने कहा कि भारत में 2021 से 2024 के बीच निजी निवेश में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उच्च सदन में शिवसेना के मुरली देवड़ा ने आम बजट 2026-27 पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कल पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने इस चर्चा को शुरू करते हुए कहा था कि देश में निजी निवेश नहीं बढ़ रहा है और इसे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
राज्यसभा में मंगलवार को बीजद सदस्यों ने केंद्र पर हमला बोलते हुए बजट की तीखी आलोचना की और कहा कि उनके प्रदेश ओडिशा की एक बार फिर अनदेखी की गई है। उच्च सदन में आम बजट 2026-27 पर चर्चा में भाग लेते हुए बीजू जनता दल (बीजद) सदस्य शुभाशीष खुंटिया ने दावा किया कि उनके प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार है, लेकिन राज्य आगे जाने के बदले पीछे जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल से कोयला रॉयल्टी स्थिर है और केंद्र ने इसमें कोई वृद्धि नहीं की है, जिससे राज्य को हर साल राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




