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जनवरी, 16, 2026
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Global South: CSPOC में PM मोदी का प्रण, हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर वैश्विक दक्षिण के हितों की बुलंद आवाज़ बनेगा भारत

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Global South News: वैश्विक मंच पर, भारत अब महज एक दर्शक नहीं, बल्कि महाशक्तियों के बीच एक मुखर स्वर बन चुका है, विशेषकर उन देशों के लिए जिनकी आवाज़ अक्सर अनसुनी रह जाती है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारत हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर वैश्विक दक्षिण के हितों की पुरजोर पैरवी कर रहा है। उन्होंने लगातार इस क्षेत्र की चिंताओं को वैश्विक एजेंडा के केंद्र में रखने के अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

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संसद भवन में आयोजित राष्ट्रमंडल अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC), 2026 में अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री ने भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान वैश्विक दक्षिण के एजेंडे को आगे बढ़ाने में किए गए प्रयासों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है कि उसके नवाचारों का लाभ पूरे वैश्विक दक्षिण और राष्ट्रमंडल देशों को मिले। इसके साथ ही, भारत सहयोगी देशों के लिए ओपन-सोर्स प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है, ताकि वे भारत में लागू की जा रही प्रणालियों के समान ही प्रणालियाँ विकसित कर सकें।

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Global South के लिए भारत की G20 पहलें

प्रधानमंत्री ने पुनः बल देते हुए कहा कि भारत हर वैश्विक मंच पर वैश्विक दक्षिण के हितों की पुरजोर वकालत कर रहा है। G20 की अध्यक्षता के दौरान भी भारत ने वैश्विक एजेंडा के केंद्र में वैश्विक दक्षिण की चिंताओं को प्रमुखता दी है। भारत का निरंतर प्रयास यही है कि हम जो भी नवाचार करें, उससे पूरे वैश्विक दक्षिण और राष्ट्रमंडल देशों को लाभ मिले। हम ओपन-सोर्स तकनीकी प्लेटफॉर्म भी तैयार कर रहे हैं ताकि वैश्विक दक्षिण में हमारे सहयोगी देश भी भारत जैसी प्रणालियाँ विकसित कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

प्रधानमंत्री ने भारतीय लोकतंत्र के समावेशी स्वरूप पर भी जोर दिया, जिसकी पहचान अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता से होती है। जन कल्याण की भावना से प्रेरित होकर, हम समावेशी रूप से कार्य कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी पीछे न छूटे। इसी अटूट प्रतिबद्धता के कारण भारत ने हाल के वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। भारत में लोकतंत्र वास्तव में परिणाम देता है। यहाँ लोकतंत्र का अर्थ है अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना। उन्होंने आगे कहा कि हम बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक व्यक्ति के कल्याण के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। और जन कल्याण की इसी सशक्त भावना के कारण पिछले कुछ वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

समावेशी विकास: भारत का लोकतांत्रिक संकल्प

प्रधानमंत्री के इन बयानों से स्पष्ट होता है कि भारत न केवल अपनी प्रगति के लिए, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय, विशेषकर विकासशील राष्ट्रों के उत्थान के लिए भी प्रतिबद्ध है। यह एक ऐसा भारत है जो वैश्विक पटल पर नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए, सबको साथ लेकर चलने के अपने आदर्शों को साकार कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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