
PM Modi Malaysia Visit: एक ओर जहां वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं डांवाडोल हैं, वहीं भारत अपनी धमक से दुनिया का ध्यान खींच रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे ने दोनों देशों के बीच संबंधों की नई इबारत लिख दी है।
PM Modi Malaysia Visit: मलेशिया में भारतीय समुदाय से पीएम मोदी का संबोधन
PM Modi Malaysia Visit: प्रधानमंत्री मोदी ने कुआलालंपुर में एक भव्य कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए घोषणा की कि भारत जल्द ही मलेशिया में अपना एक नया वाणिज्य दूतावास खोलेगा। उन्होंने भारत की आर्थिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक दशक पहले भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज हम दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बेहद करीब हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को भारत में अध्ययन के लिए जल्द ही तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज ‘विश्वास’ भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है, और इसी विश्वास के बलबूते ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे देशों के साथ भारत के व्यापारिक समझौते हुए हैं।
पहले भारत को केवल एक विशाल बाजार के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यह निवेश और व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत को विकास के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। चाहे ब्रिटेन हो या अमेरिका, सभी देश भारत के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते स्थापित करने के इच्छुक हैं।
भारतीय संस्कृति का बढ़ता प्रभाव और मलेशियाई संबंध
मलेशिया में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का भारतीय प्रवासी समुदाय निवास करता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय और मलेशियाई दिलों को जोड़ने वाली कई चीजें हैं, और यह समुदाय ही दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु का काम करता है। उन्होंने दोनों संस्कृतियों के संगम को भोजन और भाषा के उदाहरणों से समझाया, जैसे ‘रोटी कनाई’ का ‘मालाबार परोटा’ से जुड़ाव, और नारियल, मसाले व ‘तेह तारिक’ जैसे परिचित स्वाद।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं, संभवतः इसकी वजह दोनों भाषाओं में समान शब्दों की बड़ी संख्या है। उन्होंने मलेशिया में भारतीय संगीत और फिल्मों की लोकप्रियता का भी जिक्र किया। उन्होंने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के संगीत प्रेम का उल्लेख किया, जिनके भारत में एक पुराना हिंदी गीत गाने का वीडियो वायरल हुआ था, और वे महान एमजीआर के तमिल गाने भी पसंद करते हैं।
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हाल ही में कुआलालंपुर में हुए एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम का 800 से अधिक कलाकारों के नृत्य प्रदर्शन के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मनमोहक प्रस्तुति में भरतनाट्यम, कथक, कथकली, कुचिपुड़ी, यक्षगान, लावणी और ओडिसी सहित भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्यों की एक अद्भुत झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रस्तुति हमारी जनता को वर्षों तक याद रहेगी। यह एक ऐसा क्षण था जिसने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको हर खबर से अपडेट रखता है। यह आयोजन दोनों देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को और गहरा करने का प्रतीक बना। भारत का बढ़ता वैश्विक कद और भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका उसकी सॉफ्ट पावर को मजबूती दे रही है।



