
President Murmu Bengal Visit: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सिलीगुड़ी यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। राजनीति के अखाड़े में प्रोटोकॉल की लड़ाई नई नहीं, पर जब बात देश के सर्वोच्च पद की हो, तो सवाल उठना लाज़मी है।
President Murmu Bengal Visit: प्रोटोकॉल विवाद पर ममता का पलटवार, कहा- ‘भाजपा देश के सर्वोच्च पद का अपमान कर रही है’
President Murmu Bengal Visit: क्या था प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सिलीगुड़ी में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संथाली सम्मेलन में हालिया यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का कोई प्रोटोकॉल उल्लंघन नहीं हुआ था। उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य सरकार की सीधी भागीदारी नहीं थी। एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए, बनर्जी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय संताल परिषद ने ही राष्ट्रपति को इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के अग्रिम समन्वय के बाद, जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति सचिवालय को लिखित रूप में सूचित किया था कि आयोजकों की तैयारियां अपर्याप्त लग रही थीं। यह चिंता टेलीफोन के माध्यम से भी व्यक्त की गई थी, ताकि संभावित असुविधाओं से बचा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति सचिवालय की एक अग्रिम टीम ने 5 मार्च को ही कार्यक्रम स्थल का दौरा किया था और उन्हें वहां की व्यवस्थाओं में कमी के बारे में अवगत कराया गया था। हालांकि, इन चिंताओं के बावजूद, कार्यक्रम अपने निर्धारित समय पर ही जारी रहा। उन्होंने यह भी बताया कि माननीय राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त कार्यालय के सीपी द्वारा राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा साझा की गई अनुमोदित सूची के अनुसार ही की गई थी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री इस सूची या मंच योजना का हिस्सा नहीं थीं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं मानी जा सकती। जिला प्रशासन की ओर से किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ था, यह बात उन्होंने जोर देकर कही। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
भाजपा पर ममता के गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान और दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने दलगत एजेंडे को साधने के लिए इस उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है, और इस स्थिति को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री का यह बयान उन राजनीतिक विवादों के बाद आया है, जब राष्ट्रपति ने नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाली सम्मेलन के आयोजनों पर निराशा व्यक्त की थी।
कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर उठे सवाल
राष्ट्रपति ने आयोजन स्थल के चयन पर भी सवाल उठाए थे और इस बात पर खेद व्यक्त किया था कि संताल समुदाय के कई सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए। राष्ट्रपति ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह पूरा विवाद और गहरा गया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुसार, उनकी अनुपस्थिति प्रोटोकॉल के दायरे में ही थी, और इसे लेकर कोई भी विवाद अनावश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

