



Indian Textile Industry: आसमान से गिरी आफत ने भारतीय कपड़ा उद्योग की कमर तोड़ दी है, जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चुनौतियां हैं, वहीं अमेरिकी टैरिफ ने जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। राहुल गांधी के बयान ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना दिया है, जिससे लाखों परिवारों की रोजी-रोटी दांव पर लग गई है।
भारतीय कपड़ा उद्योग: राहुल गांधी का आरोप – अमेरिकी टैरिफ से देश की ‘कमजोर अर्थव्यवस्था’ उजागर, पीएम मोदी से की अपील
अमेरिकी टैरिफ और भारतीय कपड़ा उद्योग पर गहराता संकट
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ से भारत की “कमजोर अर्थव्यवस्था” की असलियत सामने आ रही है, जिससे कपड़ा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन टैरिफ के कारण नौकरियों में कटौती, कारखानों के बंद होने और ऑर्डरों में कमी आना तय है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वे वाशिंगटन के साथ एक ऐसा व्यापार समझौता करें जो भारतीय श्रमिकों और व्यवसायों के हितों की रक्षा करे। यह एक ऐसा कदम होगा जो देश की अर्थव्यवस्था को मौजूदा झटके से उबारने में मदद करेगा।
हरियाणा में एक कपड़ा फैक्ट्री के अपने हालिया दौरे का वीडियो साझा करते हुए गांधी ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ और नीतिगत अनिश्चितता से कपड़ा निर्यातकों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत के सबसे बड़े रोजगार सृजनकर्ताओं में से एक, यह उद्योग अब संकट में फंस गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने अपनी बात दोहराई कि नौकरियों का नुकसान, कारखानों का बंद होना और ऑर्डरों में कमी आना हमारी ‘बेहाल अर्थव्यवस्था’ की कड़वी सच्चाई बन चुकी है। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने न तो कोई राहत दी है और न ही टैरिफ के बारे में कोई बात की है, जबकि 4.5 करोड़ से अधिक नौकरियां और लाखों व्यवसाय खतरे में हैं। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को जवाबदेह ठहराते हुए इस मामले पर तत्काल ध्यान देने की अपील की।
निर्यातकों की चुनौतियां और सरकार से अपेक्षाएं
गांधी ने तीखे शब्दों में मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी “कमजोरी” को अर्थव्यवस्था को और अधिक नुकसान पहुंचाने नहीं देना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह अमेरिका के साथ एक ऐसे व्यापार समझौते को प्राथमिकता दे जो भारतीय हितों को सर्वोपरि रखे। भारत में वस्त्र उद्योग को दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र बताते हुए गांधी ने कहा कि शिल्प कौशल के लिए विश्व स्तर पर प्रशंसित यह उद्योग अब अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी टैरिफ के साथ-साथ निर्यातकों को यूरोप में गिरती कीमतों और बांग्लादेश और चीन से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
वीडियो में गांधी को कारखाने का दौरा करते, श्रमिकों और प्रबंधन से बातचीत करते और कपड़ा काटने का प्रयास करते हुए दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरे ने भारतीय श्रमिकों के कौशल और दृढ़ता को रेखांकित किया है। राहुल गांधी ने अंत में कहा कि भारत के लिए अमेरिका के साथ ऐसा एक प्रभावी समाधान खोजना अत्यंत आवश्यक है जो भारतीय व्यवसायों और भारतीय श्रमिकों को प्राथमिकता दे। यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



