



राहुल गांधी विशेषाधिकार हनन नोटिस: संसद के गलियारों में सियासी हलचल तेज है, जहां शब्दों के तीर एक-दूसरे पर दागे जा रहे हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के बाद, अब विशेषाधिकार हनन का मुद्दा सत्ता और विपक्ष के बीच नई जंग का मैदान बन गया है।
राहुल गांधी विशेषाधिकार हनन नोटिस: लोकसभा में गर्माया सियासी पारा, कांग्रेस ने BJP को दिया राहुल के सवालों का जवाब देने का खुला चैलेंज
राहुल गांधी विशेषाधिकार हनन नोटिस: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में राहुल गांधी के उस भाषण पर भाजपा को जवाब देने की सीधी चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा उनके सवालों का जवाब न देने पर सवाल उठाए थे। वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर संसदीय वीडियो का गलत इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया, इसे असंसदीय कृत्य करार दिया। उनकी यह टिप्पणी केंद्रीय मंत्री रिजिजू के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा सदस्य लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ “सदन को गुमराह करने और निराधार बयान देने” के लिए विशेषाधिकार नोटिस भेजेंगे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, वेणुगोपाल ने भाजपा को राहुल गांधी के भाषण का जवाब देने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कल अपने भाषण में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। निर्मला सीतारमण ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया।” वेणुगोपाल ने रिजिजू पर निशाना साधते हुए कहा, “सदन स्थगित होने के बाद किरेन रिजिजू ने एक वीडियो ट्वीट किया। उन्होंने संसद का वीडियो कैसे हासिल किया? संसदीय कार्य मंत्री अब असंसदीय हो गए हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि संसदीय कार्य मंत्री का कर्तव्य संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष के साथ समन्वय करना है, लेकिन वे खुद ही ऐसे कृत्यों में शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राहुल गांधी विशेषाधिकार हनन नोटिस: रिजिजू के बयान पर वेणुगोपाल का पलटवार
पिछले दिनों, रिजिजू ने आरोप लगाया था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ निराधार और झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सदन को गुमराह करने और निराधार बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दाखिल करने जा रही है। उन्होंने संसदीय कार्यवाही और प्रक्रिया के नियमों का हवाला दिया, जिसके अनुसार किसी भी सदस्य को किसी अन्य सदस्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने से पहले नोटिस देना होता है और आरोप को साबित भी करना होता है। संसदीय वीडियो का इस्तेमाल करके जिस तरह से माहौल बनाया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
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प्रधानमंत्री पर लगे आरोपों और बहस से अनुपस्थिति का मुद्दा
रिजिजू ने आगे कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को सदन में बुलाकर उनके द्वारा उठाए गए बिंदुओं को प्रमाणित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ निराधार और झूठे आरोप लगाए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री पर “भारत और भारतीय हितों को बेचने” का आरोप भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने बिना किसी पूर्व नोटिस के हरदीप सिंह पुरी जैसे मंत्रियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।
रिजिजू ने 2026-27 के केंद्रीय बजट पर बहस के दौरान भाषण देने के बाद राहुल गांधी के सदन छोड़ने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा कांग्रेस नेता के “झूठ” का करारा जवाब देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रकरण भारतीय राजनीति में बढ़ता ध्रुवीकरण और सदन के भीतर मर्यादाओं के उल्लंघन की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि विशेषाधिकार हनन नोटिस पर आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या राहुल गांधी अपने आरोपों को प्रमाणित करने में सफल रहते हैं। लोकतंत्र में ऐसी बहसें महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन उनका गरिमापूर्ण होना भी उतना ही आवश्यक है।



