Rahul Gandhi Separatism: भारतीय राजनीति का अखाड़ा अक्सर ऐसे बयानों से गरमा उठता है, जहां आरोप-प्रत्यारोप की तलवारें तीखी धार लिए होती हैं। कभी-कभी ये तलवारें राष्ट्रीय एकता के ताने-बाने को भी चुनौती देती दिखती हैं। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारतीय राजनीति में अलगाववाद का जीता-जागता प्रमाण हैं।
गुरु प्रकाश ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार क्षेत्रवाद, जातिवाद और भाषाई कट्टरता का सहारा लेते हैं। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति राष्ट्रीय एकता, शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
‘Rahul Gandhi Separatism’ पर बीजेपी का कड़ा रुख
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि राहुल गांधी का राजनीतिक दृष्टिकोण राज्यों के अनुसार बदलता रहता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें कहां से चुनावी लाभ मिलेगा। गुरु प्रकाश ने स्पष्ट किया कि जब राहुल गांधी बिहार जाते हैं, तो जाति के नाम पर उन्माद फैलाने का प्रयास करते हैं, और जब वे तमिलनाडु जाते हैं, तो तमिल पहचान के नाम पर नकारात्मक राजनीति करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी, “राहुल गांधी भारतीय राजनीति में अलगाववाद का सटीक उदाहरण और केस स्टडी हैं। उन्हें इस तरह की भाषा का प्रयोग करने से बचना चाहिए।”
गुरु प्रकाश ने जोर देकर कहा कि इस तरह की विभाजनकारी राजनीति राष्ट्रीय ताने-बाने को कमजोर करती है और विपक्षी दल इसका लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं।
बदलते बयान, बदलती राजनीति
तमिल मुद्दों के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता पर राहुल गांधी की हालिया टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए गुरु प्रकाश ने तीखे लहजे में पूछा कि क्या राहुल गांधी हमें कोई प्रमाण पत्र देंगे? आप कोई प्रमाणन प्राधिकरण नहीं हैं जो तमिल मुद्दों, शाश्वत तमिल सभ्यतागत विरासत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण पत्र जारी करें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, आपको यह दावा करने का कोई अधिकार नहीं है कि हम तमिल आवाज को दबाते हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गुरु प्रकाश ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने भारत की सभ्यतागत भावना के अभिन्न अंग के रूप में तमिल संस्कृति, भाषा और पहचान को लगातार महत्व दिया है और बढ़ावा दिया है।
तमिल मुद्दों पर पीएम मोदी सरकार का स्टैंड
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि आप राजनीति की बात कर रहे हैं। इतिहास गवाह है कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिल भाषा, तमिल संस्कृति और तमिल सभ्यतागत विरासत के प्रति जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक मंचों पर भी तमिल पहचान के प्रति निरंतर सम्मान प्रदर्शित किया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

