
Naxalism in India: सियासत की बिसात पर मोहरों की चाल, कभी अतीत का साया, तो कभी वर्तमान का सवाल। देश के भीतर पनपी एक ऐसी चुनौती पर छिड़ी बहस, जिसने दशकों से शांति को किया बेहाल।
वामपंथी उग्रवाद पर छिड़ी नई बहस, रिजिजू ने राहुल-सोनिया से पूछे सवाल
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर वामपंथी उग्रवाद से जुड़े व्यक्तियों से मुलाकात को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इन मुलाकातों के संबंध में उनसे भी पूछताछ होनी चाहिए। 31 मार्च को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, रिजिजू ने लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सरकार के अथक प्रयासों पर दिए गए बयानों का समर्थन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद पर केंद्र सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और यह उग्रवादी विचारधारा से दशकों से हुई हिंसा पर आधारित है।
रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब वामपंथी उग्रवाद ने पूरे देश में अपने पांव पसारे थे, तब न केवल आम नागरिकों ने अपनी जान गंवाई, बल्कि हजारों की संख्या में सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए। यहां तक कि कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने सीधे विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “अब जब राहुल गांधी और सोनिया गांधी जैसे नेता वामपंथी उग्रवाद और माओवादी विचारधारा को फैलाने वाले लोगों से मिल रहे हैं, तो सिर्फ हमसे ही सवाल क्यों पूछे जा रहे हैं? कांग्रेस के नेताओं से भी पूछताछ होनी चाहिए। विडंबना देखिए, कांग्रेस के ही लोग इस हिंसा का शिकार हो रहे हैं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भारत में नक्सलवाद: मोदी सरकार की उपलब्धि और गांधी परिवार पर आरोप
ये तीखी टिप्पणियां ऐसे समय में सामने आई हैं जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में भारत को नक्सल-मुक्त घोषित किया है। शाह ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्रमुख सफलताओं में से एक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद गरीबी से नहीं पनपता, बल्कि यह उन क्षेत्रों के विकास में सबसे बड़ी बाधा है जहां यह सक्रिय है। अमित शाह ने राहुल गांधी पर बार-बार नक्सलियों और उनके समर्थकों से मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई नक्सलवादी संगठनों ने कांग्रेस नेता की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भी भाग लिया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
शाह ने अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान राहुल गांधी को कई अवसरों पर नक्सलियों और उनके समर्थकों के साथ देखे जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड मौजूद हैं जो दर्शाते हैं कि कई नक्सलवादी संगठनों ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भाग लिया था। एक विशेष घटना का उल्लेख करते हुए शाह ने बताया कि 2010 में ओडिशा में राहुल गांधी ने नक्सली नेता लाडो सिकका के साथ मंच साझा किया था। उसी मंच से, सिकका ने न केवल भड़काऊ भाषण दिया, बल्कि राहुल गांधी को माला भी पहनाई थी। यह घटना राजनीतिक गलियारों में लंबे समय तक चर्चा का विषय रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सुरक्षा बलों के अभियान और सफलताएं
अमित शाह ने नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा अभियानों का विस्तृत ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, अब तक 4,839 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2,218 को जेल भेजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 706 नक्सली जो छिपे हुए थे, पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं। ये आंकड़े सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति की सफलता को दर्शाते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि देश को पूरी तरह से वामपंथी उग्रवाद से मुक्त किया जा सके और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुंचाई जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


