
RJD Kerala Elections: केरल के राजनीतिक रण में लालटेन की रोशनी फैलाने की तैयारी, बिहार की सियासत में भी उबाल। राष्ट्रीय जनता दल अब बिहार की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पैठ बनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है।
RJD Kerala Elections: वामपंथी मोर्चे के साथ RJD का नया राजनीतिक अध्याय
RJD Kerala Elections: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने आगामी केरल विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) के साथ मिलकर लड़ने का ऐलान किया है। इस घोषणा से पार्टी ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को क्षेत्रीय दायरे से बाहर निकालने का संकेत दिया है। तेजस्वी यादव ने यह बयान बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाली वोटिंग से ठीक पहले दिया। RJD का मुख्य उद्देश्य केरल में LDF को सत्ता में बनाए रखने में सहायता करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पार्टी पहले भी केरल विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है और इस बार भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
इस बीच, बिहार राज्यसभा चुनाव का गणित भी गरमाया हुआ है। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में RJD के पास 25 विधायक हैं। महागठबंधन के अन्य सहयोगियों से भी 10 विधायकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के पांच और मायावती की बसपा के एक विधायक पर भी RJD की नज़र है ताकि अपनी राज्यसभा सीट सुरक्षित की जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल और विधायकों का जुटान
राज्यसभा चुनाव के लिए रणनीति के तहत, महागठबंधन के विधायकों को पटना के एक होटल में रात बिताने के लिए कहा गया था। AIMIM और BSP के विधायकों को भी इस सामूहिक जुटान में आमंत्रित किया गया था। इस योजना का मकसद मतदान से पहले सभी सदस्यों की एकजुटता और उपस्थिति सुनिश्चित करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। RJD ने अपने मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह पर फिर से भरोसा जताया है। जबकि, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने पांच उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधायक नितिन नवीन जैसे नाम शामिल हैं।
मतदान से ठीक पहले कांग्रेस खेमे से चार विधायकों के लापता होने की अफवाहें तेजी से फैलीं, जिससे क्रॉस-वोटिंग की आशंका बढ़ गई। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने इन अफवाहों को खारिज करते हुए कहा, “वे चारों विधायक मेरे आवास पर हैं। महागठबंधन में कोई समस्या नहीं है और हम राज्यसभा की सीट जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। NDA को अपनी चिंता करनी चाहिए, हमें पता चला है कि उनके 20 विधायक लापता हैं।” यह बयान ऐसे समय आया जब सभी पार्टियां बिहार राज्यसभा चुनाव में कड़ी टक्कर के लिए तैयारी कर रही थीं। RJD और उसके सहयोगी दलों का पूरा ध्यान मतदान होने तक अपने विधायकों की संख्या को एकजुट बनाए रखने पर केंद्रित था। इन राजनीतिक गहमागहमी के बीच, तेजस्वी यादव की केरल से जुड़ी घोषणा ने RJD की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका के विस्तार का संकेत दिया है। यह दिखाता है कि पार्टी केवल क्षेत्रीय चुनावों तक सीमित नहीं रहना चाहती। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

