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जनवरी, 17, 2026
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PM Modi के आत्मनिर्भर विज़न का असर: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देगी नई Rural Employment Scheme, जानिए क्या कहा ज्योतिरादित्य सिंधिया

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Rural Employment Scheme: खेती-किसानी और मजदूर के पसीने से सींची जाती है देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद। इसी बुनियाद को और मजबूत करने, हर हाथ को काम और हर पेट को रोटी सुनिश्चित करने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठा रही है।

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प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर विज़न का असर: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देगी नई Rural Employment Scheme

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केन्द्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने हाल ही में शिवपुरी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संसद द्वारा पारित ‘वीबीजी रामजी बिल’ के महत्वपूर्ण प्रावधानों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 21वीं सदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक पारदर्शिता, दक्षता और स्थिरता प्रदान करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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Rural Employment Scheme: अब मिलेगा 125 दिन का काम और राज्यों को लचीलापन

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने जानकारी दी कि नए प्रावधानों के तहत ग्रामीण इलाकों में रोजगार के दिनों की संख्या में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। अब श्रमिकों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य सरकारों को यह छूट भी दी गई है कि वे बुवाई जैसे मौसमों में, जब काम की आवश्यकता कम होती है, रोजगार के अवसरों को अपनी सुविधानुसार समायोजित कर सकें। इससे यह होगा कि आवश्यकता पड़ने पर श्रमिकों को अधिक काम उपलब्ध कराया जा सकेगा और उन्हें समय पर रोजगार मिल सकेगा।

भ्रष्टाचार पर अंकुश: डिजिटल ऑडिट से आएगी पारदर्शिता

पिछले वर्षों में सामने आए घोटालों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले मैनुअल तरीकों से काम होता था, जिसमें मशीनों का उपयोग करके भी मैनुअल श्रम दर्शाया जाता था, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता था। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटलीकरण और डिजिटल ऑडिट से जोड़ दिया गया है। प्रत्येक कार्य का निरीक्षण पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगा, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी और मानवीय हस्तक्षेप पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। यह कदम ग्रामीण विकास योजनाओं में डिजिटल पारदर्शिता लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

श्रमिकों के हक में बड़ा फैसला: समय पर भुगतान, जवाबदेही तय

सिंधिया ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस बिल में भुगतान की समय-सीमा को कड़ाई से लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि अब 15 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि किसी भी कारण से भुगतान में देरी होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि श्रमिकों को उनके काम का मेहनताना समय पर मिले और उनकी मेहनत का पूरा सम्मान हो। यह नई व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच सिद्ध होगी।

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