
Shivraj Singh Chouhan: राज्यसभा में बहस का अखाड़ा गर्म था, जहां शब्दों के तीर एक-दूसरे पर चल रहे थे। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ग्रामीण रोजगार योजनाओं के नाम बदलने को लेकर विपक्ष पर छोटी राजनीति करने और मोदी सरकार के तहत गरीब जनता को मिले वास्तविक लाभों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (जिसे मूल रूप से नरेगा कहा जाता था) में किए गए बदलावों को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए चौहान ने स्पष्ट किया कि यह योजना महात्मा गांधी के नाम के बिना शुरू की गई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने महज राजनीतिक लाभ के लिए बाद में उनका नाम इसमें जोड़ा।
शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा के नामकरण पर उठाया सवाल
चौहान ने बताया कि कई अहम सरकारी कल्याण योजनाएं गांधी परिवार के पूर्व प्रधानमंत्रियों – जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी – के नाम पर रखी गई हैं। उनका आरोप था कि यह केवल एक परिवार की छवि को बढ़ावा देने की कवायद थी। जब कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम का उदाहरण देकर इस तर्क का खंडन किया, तो केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए यह साफ किया कि स्टेडियम का नामकरण एक निजी संस्था द्वारा किया गया था, न कि किसी सरकारी निधि से। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, योजनाओं पर की बात
चौहान ने पश्चिम बंगाल के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आवंटित धनराशि के मुद्दे को उठाकर बहस को और तीखा कर दिया। तब तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय ने सदन में व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए यह जानना चाहा कि क्या सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को राज्य को लंबित धनराशि जारी करने का निर्देश दिया है। प्रमुख पहलों का जोरदार बचाव करते हुए, चौहान ने गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाली आयुष्मान भारत योजना की सराहना की। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कांग्रेस से पूछा, “आपने किसकी गरीबी दूर की? आप तो सिर्फ वोट बैंक की राजनीति में लगे रहे।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चौहान ने आगे कहा कि वह सभी महापुरुषों का हृदय से सम्मान करते हैं और उनके नाम आदर के साथ लेते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए पूछा कि नेता जी सुभाषचंद्र बोस, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आजाद, बिस्मिल, भगत सिंह और पूरे देश को एक सूत्र में बांधने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्वों के नाम पर कांग्रेस ने कितनी सरकारी कल्याण योजनाएं चलाई हैं? उन्होंने बताया कि बजट में 95,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान वीबी जी राम जी योजना के लिए किया गया है। राज्य सरकारों ने भी अपने-अपने बजट में इस योजना के लिए पर्याप्त प्रावधान किए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
चौहान ने जोर देकर कहा कि देश की आर्थिक स्थिति निरंतर मजबूत हो रही है, केंद्र के साथ-साथ राज्य भी आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रहे हैं और केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को उनकी हिस्सेदारी पूरी पारदर्शिता के साथ दी जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वीबी जी राम जी योजना के लिए झारखंड में बजट में 1986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पंजाब में 610 करोड़ 40 लाख रुपये, जम्मू कश्मीर में 216 करोड़ रुपये और हिमाचल प्रदेश में इस योजना के लिए 143 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ये वे राज्य हैं जहां हमारी पार्टी (भाजपा) की सरकार नहीं है, जो केंद्र सरकार की निष्पक्षता को दर्शाता है।





