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मार्च, 14, 2026
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Tejashwi Yadav: गणतंत्र दिवस पर तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर साधा निशाना…अपनी जान की कुर्बानी देकर!

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Tejashwi Yadav: गणतंत्र दिवस की पावन बेला पर, जहां एक ओर देश अपनी ऐतिहासिक विरासत का जश्न मना रहा था, वहीं बिहार की सियासत में एक नई बहस ने जन्म ले लिया। विपक्षी खेमे से राष्ट्र के संवैधानिक मूल्यों पर गहरे सवाल उठ खड़े हुए। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने देश के मौजूदा राजनीतिक और संवैधानिक हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की।

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यादव ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं और अमर शहीदों को स्मरण करने का पावन अवसर है। उन्होंने उन सभी वीरों को नमन किया जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी देकर देश को आजादी दिलाई और इसकी एकता व अखंडता की रक्षा की।

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राजद नेता ने मौजूदा राजग सरकार की सामाजिक, आर्थिक और संविधान-विरोधी नीतियों को देश के चिंताजनक हालात के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान लागू होने के दशकों बाद उसे और अधिक मजबूत करने के बजाय, वर्तमान सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक गंभीर विषय है जिस पर राष्ट्रव्यापी बहस आवश्यक है।

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तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि जिन ताकतों का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा, वही आज संविधान की मूल भावना पर प्रहार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना को बदलने के प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। उन्होंने राजग पर परोक्ष रूप से फासीवादी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश को जिस जनतांत्रिक व्यवस्था की सौगात स्वतंत्रता सेनानियों ने दी थी, उसे कमजोर किया जा रहा है।

Tejashwi Yadav ने क्यों उठाए संवैधानिक नीतियों पर सवाल?

यादव के अनुसार, मौजूदा सरकार की नीतियां देश की संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत जा रही हैं। यह चिंताजनक है कि देश में संविधान की रक्षा करने की बजाय उसे कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लें। सकारात्मक प्रयासों से ही देश को प्रगति और समृद्धि की राह पर आगे ले जाया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समय एकजुट होकर संविधान के आदर्शों को बनाए रखने का है।

तेजस्वी यादव ने संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत के सपने को साकार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं का पालन ही एक मजबूत और विकसित राष्ट्र का आधार है। लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होना होगा। इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनके बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।

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लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा: एक राष्ट्रीय आह्वान

राजद नेता के बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश में विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक ध्रुवीकरण देखने को मिल रहा है। उनके आरोपों ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर संविधान और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से आगामी चुनावों में संवैधानिक मुद्दों पर बहस और तेज हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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