Thakurganj Rail News: केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अंतर्गत आने वाले ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड के विकास के लिए एक बड़ी परियोजना को स्वीकृति दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद, अब इस 56.41 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर दूसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम और तेज हो सकेगा। रेल मंत्रालय द्वारा दी गई मंजूरी के तहत, इस डबल लाइन परियोजना पर कुल 916.18 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
यह परियोजना न केवल इस क्षेत्र की रेलवे क्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुँचने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी भी साबित होगी। रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
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थोकुरगंज-सिलीगुड़ी रेल मार्ग पर दोहरीकरण: एक नया अध्याय
रेल मंत्रालय की इस पहल का मुख्य लक्ष्य रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करना, ट्रेनों की गति को बढ़ाना और पूर्वोत्तर भारत की देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाना है। वर्तमान में, एकल रेल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों के परिचालन में देरी और बाधाएँ आती हैं। डबल लाइन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान होगा, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों को लाभ मिलेगा। यह कदम क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगा।
रेलवे बोर्ड के निदेशक गति शक्ति, दीपक सिंह ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्यालय, मालीगांव को इस परियोजना की स्वीकृति का पत्र भेजा है। इस पत्र में परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी और वित्तीय आवंटन का विवरण शामिल है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए कुल 916.18 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जो क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने में सहायक होगी।
परियोजना की लागत और उसका वितरण
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 916.18 करोड़ रुपये है, जिसे विभिन्न मदों में विभाजित किया गया है। सिविल कार्यो पर 671.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें ट्रैक बिछाने, पुल निर्माण और अन्य संबंधित निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य महत्वपूर्ण मदों के लिए 149.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विद्युतीकरण (इलेक्ट्रिसिटी), टीआरडी (कर्षण प्रणाली) और जनरेटर से संबंधित कार्यों पर 94.94 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह विस्तृत लागत विभाजन परियोजना के हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श को दर्शाता है, ताकि इसे कुशलतापूर्वक और समय पर पूरा किया जा सके। रेलवे अधिकारी अब इस परियोजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर रहे हैं।
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क्षेत्रीय विकास और यात्रियों के लिए लाभ
ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी रेलखंड पर डबल लाइन का निर्माण पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। यह न केवल यात्रियों के लिए यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई को भी तेज करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि यह परियोजना भारतीय रेलवे के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क विस्तार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। डबल लाइन के पूरा होने से ट्रेन संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे भविष्य में बढ़ती यात्री और माल ढुलाई की मांगों को पूरा करना संभव हो पाएगा। यह एक ऐसा कदम है जो बिहार और पूर्वोत्तर के लोगों को बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगा।







