ED Raid: दिल्ली की सियासत में हलचल तेज है, जहां एक ओर बंगाल की धरती से उठकर केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ आवाज़ संसद के गलियारों तक गूंज रही है, तो वहीं कांग्रेस का सवालिया तीर TMC के सियासी दांव पर सीधा निशाना साध रहा है।
हाल ही में कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई छापेमारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजधानी में सियासी पारा चढ़ा दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने इन प्रदर्शनों के पीछे TMC के इरादों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब ED की कार्रवाई हुई तो TMC को विरोध करना ज़रूरी लगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन बंगाल के प्रवासी श्रमिक, जिन पर उनके अनुसार बांग्लादेशी होने का बहाना बनाकर हमला किया गया और उन्हें पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा, तब इन सांसदों ने कभी विरोध नहीं किया।
चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘चुनावी लाभ’ प्राप्त करने की TMC की कोशिश करार दिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शायद TMC के कुछ सांसद अभी भी दिल्ली में हैं। कल की घटना (I-PAC कार्यालय पर ED की छापेमारी) के बाद उन्हें लगा कि अब विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। मेरा सीधा सवाल यह है कि जब बंगाल के प्रवासी श्रमिक भारत के विभिन्न हिस्सों में काम करने जाते हैं और उन्हें बांग्लादेशी बताकर उन पर हमला किया जाता है, जिससे उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ता है, तब हमने TMC पार्टी की ओर से संसद के भीतर या बाहर कोई विरोध प्रदर्शन नहीं देखा। अब जब प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी कार्रवाई की है, तो उन्हें प्रदर्शन करना आवश्यक लग रहा है। इसे केवल राजनीतिक और चुनावी फायदे के लिए किया गया नाटक ही कहा जा सकता है।
ED Raid के विरोध का सियासी गुणा-गणित
अधीर रंजन चौधरी के बयान ने TMC के विरोध प्रदर्शनों की नीयत पर संदेह पैदा कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह मौजूदा विरोध प्रदर्शन TMC द्वारा आगामी चुनावों में ‘चुनावी लाभ’ बटोरने का एक जरिया मात्र है। इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर चुनिंदा विरोध प्रदर्शन अक्सर राजनीतिक दलों के दोहरे रवैये को उजागर करते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
TMC सांसदों का दिल्ली में प्रदर्शन
दरअसल, शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों को हिरासत में लिया गया था। ये सांसद कोलकाता स्थित I-PAC कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी का विरोध कर रहे थे। TMC सांसदों ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी का दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद और अन्य प्रमुख चेहरे शामिल थे, जिन्होंने दिल्ली में अमित शाह के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की सियासत में गरमाहट बनी रहेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



