

शिक्षकों को अब अर्जित अवकाश का लाभ मिलेगा। इस संबंध में विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले तक कॉलेज में शिक्षकों को ग्रीष्म अवकाश में ड्यूटी पर बुलाए जाने पर अर्जित अवकाश का लाभ नहीं दिया जाता था।
अगर उनके पास अर्जित अवकाश के आवेदन आते थे तो प्राचार्य द्वारा उन्हें स्वीकृति नहीं दी जाती थी। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों के नकदीकरण को लेकर बड़ी समस्या खड़ी होती थी। इसके बाद अब विभाग ने ग्रीष्मावकाश में अर्जित अवकाश के संबंध में महत्वपूर्ण नियम तय किए हैं।
नियम के तहत सभी कॉलेज के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक और प्राचार्य को निर्देश जारी किया गया हैं। जिसमें कहा गया है कि कॉलेज के शिक्षकों को ग्रीष्म अवकाश में ड्यूटी पर बुलाए जाने पर 15 दिन का अर्जित अवकाश कलेक्टर की ओर से स्वीकृत किया जाएगा।
इससे पहले मध्यप्रदेश में ऐसा नहीं होता था लेकिन अब शिक्षकों के 30 दिन के अर्जित अवकाश विभाग अध्यक्ष आयुक्त द्वारा स्वीकृत किए जाएंगे। इनमें कॉलेज के 626 शिक्षकों के नाम की सूची शामिल की गई है। इतना ही नहीं 30 से अधिक अधिकारियों की भी सूची दी गई है, जो ग्रीष्म अवकाश की अवधि में कार्यरत थे। ऐसे में उन्हें भी अर्जित अवकाश स्वीकृत किए जाएंगे।
इससे पूर्व स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी ग्रीष्म अवकाश में कार्य करने पर अर्जित अवकाश का लाभ दिए जाने की बात कही गई थी। हालांकि छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने होंगे। इस संबंध में आदेश भी जारी किया गया था। 15 दिन का अवकाश कलेक्टर की अनुशंसा से और 45 दिन का अवकाश विभाग अध्यक्ष की अनुशंसा पर दिया जाएगा।
इसके लिए प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। प्राचार्य जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाएंगे, उसकी जानकारी भी शिक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। जानकारी ऑनलाइन अपलोड होने के बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारी जानकारी का सत्यापन कर प्रकरण को लॉक करेंगे। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय के स्तर पर परीक्षण के बाद अवकाश का स्वीकृत आदेश ऑनलाइन जारी किया जाएगा।


