

Pakistan Hockey: भारतीय खेल प्रेमियों में अक्सर पाकिस्तान क्रिकेट टीम की दुर्दशा चर्चा का विषय बनी रहती है, लेकिन इस बार पड़ोसी मुल्क के हॉकी खिलाड़ियों के साथ जो हुआ, उसे सुनकर हर कोई हैरान है। पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसने पाकिस्तान हॉकी में चल रही बदइंतजामी की पोल खोल दी है। इस घटना के बाद फेडरेशन अध्यक्ष तारिक बुगती को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
पाकिस्तान हॉकी: कप्तान अम्माद शकील बट पर लगा 2 साल का प्रतिबंध, PHF अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा
पाकिस्तान हॉकी में एक बार फिर से भारी विवाद खड़ा हो गया है। टीम के कप्तान अम्माद शकील बट को पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने दो साल के लिए खेल से प्रतिबंधित कर दिया है। यह फैसला तब आया है जब बट ने सार्वजनिक तौर पर फेडरेशन के भीतर की बदइंतजामी और वित्तीय अनियमितताओं का पर्दाफाश किया था। उनके इस साहसिक कदम ने न केवल PHF को हिला दिया, बल्कि अध्यक्ष तारिक बुगती को भी अपने पद से इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।
पाकिस्तान हॉकी में बगावत और उसका अंजाम
अम्माद शकील बट ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को सड़कों पर भटकने जैसी गंभीर समस्याओं को उजागर किया था। उन्होंने बताया था कि कैसे खिलाड़ियों को सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है और वित्तीय सहायता का अभाव है। इन आरोपों के बाद फेडरेशन ने उन पर कार्रवाई की, जिसके तहत उन्हें दो साल का लंबा बैन झेलना पड़ा। यह प्रतिबंध अम्माद शकील के करियर के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए सवालों ने पाकिस्तान में हॉकी के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- प्रमुख मुद्दे जो अम्माद शकील बट ने उठाए:
- ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया।
- खिलाड़ियों को सड़कों पर भटकने और खुद का खर्चा उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
- फेडरेशन के भीतर गंभीर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार।
- खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन और समर्थन की कमी।
अम्माद शकील बट का यह खुलासा पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की वर्षों पुरानी समस्याओं को उजागर करता है। खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल हमेशा से उठते रहे हैं। इस बार कप्तान के सीधे आरोपों ने आग में घी का काम किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें खेल से दूर कर दिया गया।
फेडरेशन अध्यक्ष का इस्तीफा और आगे की राह
अम्माद शकील बट पर लगाए गए इस बैन और उनके खुलासों के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन पर चौतरफा दबाव बन गया। बढ़ते दबाव और विवाद के बीच, PHF के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बुगती ने अपने इस्तीफे में कहा कि वे “पाकिस्तान हॉकी के हित” में यह कदम उठा रहे हैं। हालांकि, इस इस्तीफे से PHF की समस्याओं का अंत नहीं हुआ है, बल्कि यह केवल एक नए अध्याय की शुरुआत है।
अब देखना यह होगा कि पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन इस गंभीर स्थिति से कैसे निपटता है। क्या नए अध्यक्ष के आने से चीजें बेहतर होंगी या फिर अम्माद शकील जैसे खिलाड़ियों को अपनी आवाज उठाने की कीमत चुकानी पड़ती रहेगी। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें। पाकिस्तान में हॉकी का स्वर्णिम अतीत रहा है, लेकिन वर्तमान में यह खेल अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। फेडरेशन की तरफ से जारी किया गया यह प्रतिबंध एक कड़ा संदेश है, लेकिन यह खिलाड़ियों में असंतोष को और बढ़ा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान में खेल प्रशासन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


