Mohammed Shami: भारतीय क्रिकेट फैंस में इन दिनों एक बड़ा सवाल गूंज रहा है – आखिर टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए क्यों दरकिनार कर दिया गया? चयनकर्ताओं के इस फैसले ने न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों बल्कि बंगाल के कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर लक्ष्मी रतन शुक्ला को भी हैरान कर दिया है, जिन्होंने इस चयन को अन्याय बताया है।
न्यूजीलैंड सीरीज से Mohammed Shami बाहर, क्या भारतीय चयनकर्ताओं ने किया अन्याय?
Mohammed Shami का अनदेखा होना और युवा गेंदबाजों का मौका
भारतीय क्रिकेट टीम की चयन प्रक्रिया हमेशा से ही बहस का विषय रही है, और इस बार अनुभवी तेज गेंदबाज Mohammed Shami को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से बाहर रखना एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा जैसे युवा प्रतिभाओं को Team India में मौका दिया गया है, वहीं शमी का बाहर होना कई सवाल खड़े कर रहा है। शमी ने हाल के दिनों में अपनी लय और फिटनेस साबित की है, ऐसे में उनका टीम से बाहर होना कई लोगों को खटक रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब टीम को अनुभव और युवा जोश के मिश्रण की सख्त जरूरत है। क्या यह युवा खिलाड़ियों को मौका देने की रणनीति है, या इसके पीछे कुछ और कारण हैं? खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
लक्ष्मी रतन शुक्ला का BCCI पर सीधा आरोप
मोहम्मद शमी के टीम से बाहर होने पर बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने अपनी गहरी निराशा और गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ताओं पर अन्याय का आरोप लगाया है। शुक्ला का कहना है कि शमी जैसा गेंदबाज, जिसने सालों से Team India के लिए शानदार प्रदर्शन किया है, उसे बिना किसी स्पष्ट कारण के बाहर करना समझ से परे है। उन्होंने कहा, “यह शमी के साथ अन्याय है। वह एक विश्व स्तरीय गेंदबाज है और उसने अपनी काबिलियत कई बार साबित की है।” शुक्ला ने यह भी इशारा किया कि इस तरह के फैसले युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें यह संदेश जाता है कि अनुभव की कद्र नहीं की जाती। अनुभवी खिलाड़ियों को नजरअंदाज करना भविष्य में टीम के संतुलन के लिए भी समस्या खड़ी कर सकता है। देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शमी के फैंस सोशल मीडिया पर भी चयनकर्ताओं के इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक स्थापित और सफल गेंदबाज को क्यों दरकिनार किया गया है, खासकर जब विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट करीब हों। एक बार फिर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह होगा कि क्या चयनकर्ता अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करते हैं या शमी को वापसी के लिए और इंतजार करना होगा।





