Ruturaj Gaikwad: अरे भैया! ये क्या हो रहा है भारतीय क्रिकेट में? जब एक युवा धाकड़ बल्लेबाज रन पर रन बनाए जा रहा हो, शतक ठोक रहा हो, तब भी उसे टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए, तो सवाल तो उठेंगे ही! न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से रुतुराज गायकवाड़ के बाहर होने पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब इसमें टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी कूद पड़े हैं। उन्होंने न केवल रुतुराज का खुलकर समर्थन किया है, बल्कि चयनकर्ताओं के फैसले पर भी सवाल खड़े किए हैं।
Ruturaj Gaikwad को बाहर करना ‘अन्याय’? अश्विन ने सेलेक्शन पर उठाए बड़े सवाल!
Ruturaj Gaikwad का शतक भी नहीं आया काम!
हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो रुतुराज गायकवाड़ लगातार शानदार फॉर्म में रहे हैं। घरेलू क्रिकेट हो या फिर आईपीएल, उनके बल्ले से रन झरना आम बात है। कई मौकों पर उन्होंने शतक जड़े हैं, अपनी क्लास और काबिलियत का लोहा मनवाया है। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए उनका चयन न होना क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका है। यह बहस का विषय बन गया है कि आखिर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को टीम में जगह क्यों नहीं मिल रही है।
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि रुतुराज गायकवाड़ जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बाहर करना अजीब लगता है, खासकर तब जब वह लगातार रन बना रहे हों। अश्विन के मुताबिक, भारतीय टीम में जगह बनाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है और इस दबाव को झेलना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि चयनकर्ताओं को खिलाड़ी के मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
पंत और गायकवाड़ की तुलना पर अश्विन के तीखे बोल
अश्विन ने रुतुराज गायकवाड़ और ऋषभ पंत के बीच अप्रत्यक्ष रूप से तुलना भी की। उन्होंने कहा कि एक तरफ कुछ खिलाड़ियों को खराब फॉर्म के बावजूद लगातार मौके दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी टीम से बाहर कर दिए जाते हैं। यह स्थिति युवा खिलाड़ियों के मनोबल को तोड़ने वाली हो सकती है। रविचंद्रन अश्विन ने सवाल उठाया कि जब ऋषभ पंत को खराब फॉर्म के बावजूद लगातार मौके मिलते रहे, तो रुतुराज गायकवाड़ के साथ यह भेदभाव क्यों? क्या सिर्फ आईपीएल प्रदर्शन ही चयन का पैमाना है?
अश्विन ने कहा कि “हमें यह समझना होगा कि हर खिलाड़ी की मानसिक स्थिति अलग होती है। एक खिलाड़ी जब लगातार रन बना रहा हो और उसे फिर भी टीम में जगह न मिले, तो उसके दिमाग में क्या चल रहा होगा, इस पर कौन ध्यान देगा?” उन्होंने सुझाव दिया कि चयन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और निरंतरता होनी चाहिए ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हताशा का सामना न करना पड़े। देशज टाइम्स बिहार का N0.1 की टीम भी इस बात से इत्तेफाक रखती है कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके मानसिक संतुलन का ख्याल रखना भी ज़रूरी है।
• रुतुराज गायकवाड़ की लगातार अनदेखी: घरेलू और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वनडे टीम से बाहर।
• अश्विन का समर्थन: दिग्गज स्पिनर ने चयनकर्ताओं के फैसले पर उठाए सवाल, रुतुराज का किया बचाव।
• टीम इंडिया में मुश्किल जगह: अश्विन ने कहा, भारतीय टीम में स्थान बनाना बेहद कठिन।
• पंत से तुलना: खराब फॉर्म के बावजूद पंत को मौके, जबकि गायकवाड़ को बाहर रखना चर्चा का विषय।
इस पूरे मामले ने भारतीय क्रिकेट में चयन प्रक्रिया को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। फैंस और पूर्व खिलाड़ी दोनों ही इस बात पर एकमत हैं कि अगर रुतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी को लगातार नजरअंदाज किया जाएगा, तो यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं होगा। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें: खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें।




