
Sanju Samson: भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे संजू सैमसन ने हाल ही में अपने एक अनोखे अंदाज से सबका दिल जीत लिया। मैदान पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से जलवा बिखेरने वाले संजू ने ऑफ-फील्ड भी साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि शानदार एंटरटेनर भी हैं। बीसीसीआई के प्रतिष्ठित नमन अवॉर्ड्स 2026 का मंच गवाह बना एक ऐसे मजेदार पल का, जब संजू सैमसन ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की मिमिक्री कर डाली। इस घटना ने पूरे समारोह में हंसी का माहौल भर दिया और वहां मौजूद हर शख्स को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
Sanju Samson: नमन अवॉर्ड्स में संजू सैमसन का यह रूप देखकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे!
संजू ने विस्तार से बताया कि कैसे 14 साल के युवा वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लीजेंडरी कोच राहुल द्रविड़ के सामने अपने गेम प्लान को लेकर बेखौफ होकर जवाब दिया था। संजू के शब्दों में, “राहुल सर ने वैभव से पूछा कि वह किस तरह की बल्लेबाजी करना पसंद करेंगे, तो वैभव ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, ‘मैं बस मैदान पर जाकर हर गेंद को मारना चाहता हूं।'” यह वाकया सुनकर हॉल में बैठे सभी दिग्गज, जिनमें खुद राहुल द्रविड़ भी शामिल थे, अपनी हंसी रोक नहीं पाए। यह एक ऐसा मजेदार पल था जिसने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Sanju Samson: युवा प्रतिभा को सम्मान और एक अनमोल सीख
यह सिर्फ मिमिक्री नहीं थी, बल्कि युवा प्रतिभा को मंच देने और खेल के प्रति उनके निडर रवैये को उजागर करने का एक तरीका भी था। संजू सैमसन ने अपनी सहज और विनोदी शैली से यह संदेश दिया कि क्रिकेट सिर्फ दबाव और रणनीति का खेल नहीं, बल्कि इसमें युवा खिलाड़ियों की मस्ती और आत्मविश्वास भी शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना दर्शाती है कि कैसे खेल के बड़े सितारे भी अपने जूनियर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सहज महसूस कराने के लिए ऐसे हल्के-फुल्के पल साझा करते हैं। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
क्रिकेट के मैदान से परे एक अनोखा जुड़ाव
वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक प्रेरणादायक क्षण था, जब संजू सैमसन जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने उनकी बेबाकी की सराहना की। ऐसे पल सिर्फ पुरस्कार समारोहों की शोभा नहीं बढ़ाते, बल्कि क्रिकेट के पारिवारिक माहौल को भी मजबूत करते हैं। यह एक मजेदार पल था जिसने खिलाड़ियों के बीच के संबंधों को भी मजबूत किया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि भारतीय क्रिकेट में न सिर्फ खेल कौशल बल्कि रिश्तों और हंसी-मजाक का भी एक अहम स्थान है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में ऐसे किस्से खिलाड़ियों के बीच के मजबूत बंधन को दर्शाते हैं।

