

T20 World Cup 2026: क्रिकेट की दुनिया में गर्मागर्मी और विवाद कोई नई बात नहीं, लेकिन जब बात आगामी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट की हो, तो हर बयान पर नजरें टिक जाती हैं। बांग्लादेश क्रिकेट टीम से जुड़ी एक ऐसी ही खबर ने फैंस और विशेषज्ञों के बीच हलचल मचा दी है, जहां पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल और असिस्टेंट कोच सलाहुद्दीन के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। यह विवाद आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर है, जिसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अंदरूनी हालात सवालों के घेरे में आ गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: सलाहुद्दीन ने आसिफ नजरुल को घेरा, कहा ‘इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है कोई!’
बांग्लादेश क्रिकेट में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ जहाँ टीम मैदान पर संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ड्रेसिंग रूम के अंदर से विवादों की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक बड़ा दावा किया था कि टी20 वर्ल्ड कप न खेलने का फैसला टीम और कोचिंग स्टाफ का संयुक्त निर्णय था। उनके इस बयान ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी थी, लेकिन अब बांग्लादेश टीम के असिस्टेंट कोच सलाहुद्दीन ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे ‘सफेद झूठ’ करार दिया है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर क्यों मचा घमासान?
कोच सलाहुद्दीन ने नजरुल के इस दावे पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि कोई इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है। क्या वह उस बैठक में मौजूद थे? मुझे लगता है कि उनके पास इसका कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था। मैं उस बैठक में मौजूद था। टीम में खिलाड़ियों की संख्या कम थी, इसलिए यह तय किया गया था कि हम लीग में हिस्सा नहीं लेंगे।” सलाहुद्दीन ने साफ कर दिया कि यह फैसला टीम या स्टाफ का नहीं बल्कि किसी और कारण से लिया गया था। यह घटनाक्रम निश्चित रूप से बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य पर सवाल उठाता है।
बांग्लादेश क्रिकेट में अंदरूनी कलह
सलाहुद्दीन के इस बेबाक अंदाज ने बांग्लादेश क्रिकेट के अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, नजरुल का यह दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत और तथ्यों से परे है। यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के भीतर इस तरह के सार्वजनिक टकराव देखने को मिले हैं। ऐसे विवाद न केवल टीम के मनोबल को प्रभावित करते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। क्रिकेट प्रशंसक चाहते हैं कि अधिकारी और पूर्व सदस्य सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की बयानबाजी से बचें और खेल के हित में काम करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि बांग्लादेश क्रिकेट को अभी भी कई अंदरूनी चुनौतियों से पार पाना है। वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच इस तरह के बयान टीम के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। उम्मीद है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस स्थिति को जल्द से जल्द संभालेगा और टीम को एकजुट करके आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें


