भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज, विराट कोहली और रोहित शर्मा, जिन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी से अनगिनत बार देश को गौरवान्वित किया है, उनके संन्यास के बाद वनडे क्रिकेट का भविष्य क्या होगा, यह सवाल अब हर क्रिकेट प्रेमी के मन में कौंध रहा है। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बीसीसीआई को एक तरह से चेतावनी दी है।
विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद क्या होगा वनडे क्रिकेट का भविष्य? अश्विन ने दी चेतावनी!
अश्विन ने जिस मुद्दे को उठाया है, वह वाकई विचारणीय है। इन दोनों महान खिलाड़ियों ने न केवल भारत में बल्कि विश्व भर में वनडे क्रिकेट को एक नई पहचान दी है। उनकी मौजूदगी से विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट्स की लोकप्रियता में भी चार चांद लग गए और स्टेडियमों में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। खेल जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
विराट कोहली और रोहित शर्मा की विरासत
भारतीय क्रिकेट इतिहास में कुछ ही खिलाड़ी ऐसे हुए हैं जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत चमक से पूरे फॉर्मेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया हो। विराट कोहली और रोहित शर्मा निश्चित रूप से उस सूची में शीर्ष पर हैं। उनकी रिकॉर्ड-तोड़ पारियां, दबाव में मैच जिताने की क्षमता और प्रशंसकों के साथ उनका गहरा जुड़ाव, ये सब मिलकर वनडे क्रिकेट को रोमांचक बनाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन दोनों दिग्गजों के बिना एकदिवसीय क्रिकेट की कल्पना करना भी मुश्किल है।
अश्विन ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि कोहली और शर्मा के जाने के बाद वनडे क्रिकेट को लेकर एक खालीपन आ सकता है। उन्होंने बोर्ड को इस पर गंभीरता से सोचने की सलाह दी है। सवाल यह है कि क्या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस स्थिति के लिए कोई दूरगामी योजना बनाई है। यह केवल भारतीय टीम की बात नहीं है, बल्कि पूरे विश्व क्रिकेट के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।
बीसीसीआई के लिए बड़ी चुनौती
रविचंद्रन अश्विन का इशारा साफ है। उन्हें लगता है कि वर्तमान में वनडे क्रिकेट की जो लोकप्रियता है, उसमें इन दो खिलाड़ियों का बहुत बड़ा योगदान है। उनके संन्यास के बाद दर्शकों का रुझान कहीं कम न हो जाए, इसके लिए बोर्ड को अभी से तैयारी करनी होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नए सितारों को गढ़ना और उन्हें मंच देना ताकि वे विराट और रोहित की तरह अपना प्रभाव छोड़ सकें, यह बीसीसीआई के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
भविष्य के सितारे और प्रारूप की अपील
युवा खिलाड़ियों को तैयार करना और उन्हें विराट तथा रोहित जैसी पहचान दिलाना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे खिलाड़ियों को ढूंढना होगा जो न केवल मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करें, बल्कि अपनी स्टार पावर से भी दर्शकों को आकर्षित कर सकें। यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा कि वनडे क्रिकेट का प्रारूप दर्शकों के लिए आकर्षक बना रहे, खासकर जब टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता चरम पर हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बीसीसीआई को खेल के नियमों में कुछ बदलाव करने या इसे और अधिक रोमांचक बनाने पर विचार करना पड़ सकता है ताकि यह अपनी चमक बरकरार रख सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य इस चुनौती का सामना कैसे करता है।




