back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 20, 2026
spot_img

AI Technology के नए नियम: डीपफेक पर लगेगी लगाम, कंटेंट लेबलिंग अनिवार्य

spot_img
- Advertisement - Advertisement

AI Technology: 20 फरवरी 2026 से भारत सरकार ने डिजिटल परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले नए आईटी नियमों को लागू कर दिया है, जिसका सीधा असर हर उस व्यक्ति पर पड़ेगा जो सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामग्री साझा करता है। यह कदम तेजी से बढ़ते AI-जनरेटेड कंटेंट और डीपफेक की चुनौतियों से निपटने के लिए उठाया गया है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन स्पेस को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है।

- Advertisement -

AI Technology के नए नियम: डीपफेक पर लगेगी लगाम, कंटेंट लेबलिंग अनिवार्य

AI Technology कंटेंट पर सख्त हुए नियम

भारत सरकार ने 20 फरवरी 2026 से नए आईटी नियमों को प्रभावी कर दिया है। इन नियमों के तहत, अब किसी भी यूजर के लिए AI द्वारा निर्मित (AI-जेनरेटेड) सामग्री साझा करते समय यह खुलासा करना अनिवार्य होगा कि वह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बनाई गई है। बिना उचित डिस्क्लोजर के ऐसी सामग्री साझा करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह नियम विशेष रूप से Generative AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए तैयार किए गए हैं, जो यथार्थवादी लेकिन भ्रामक सामग्री बनाने में सक्षम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन नियमों का मुख्य जोर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

- Advertisement -

इन सख्त दिशा-निर्देशों का उद्देश्य गलत सूचना और डीपफेक के प्रसार पर अंकुश लगाना है, जो हाल के दिनों में एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं। डीपफेक, जिसमें व्यक्तियों की आवाज या वीडियो को AI का उपयोग करके हेरफेर किया जाता है, समाज में भ्रम और अविश्वास फैला सकता है और Generative AI के दुरुपयोग को रोकने के लिए ये नियम आवश्यक हैं।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  WhatsApp Group Feature : वॉट्सऐप ग्रुप फीचर में न्यू मेंबर... अब नए सदस्य आसानी से पढ़ सकेंगे पिछली चैट्स, पढ़िए कैसे काम करेगा यह नया अपडेट?

डीपफेक और फेक न्यूज़ से मुकाबला

नए आईटी नियमों के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अब डीपफेक पोस्ट या किसी भी ऐसी सामग्री को, जिसे भ्रामक पाया जाता है, रिपोर्ट किए जाने के तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। यह प्रावधान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा ताकि हानिकारक सामग्री को व्यापक रूप से फैलने से रोका जा सके। सरकार का मानना है कि ये नियम न केवल यूजर्स को अधिक जागरूक बनाएंगे बल्कि प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी जिम्मेदारी समझने पर मजबूर करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भारत में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और ऑनलाइन इकोसिस्टम को स्वच्छ रखने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। इन नियमों के लागू होने के बाद, ऑनलाइन सामग्री साझा करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, जहां हर यूजर को अपनी सामग्री की प्रामाणिकता के प्रति अधिक सचेत रहना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Ramzan 2026: पहले जुम्मे पर उमड़ा आस्था का सैलाब, नन्हे रोज़ेदारों ने पेश की मिसाल

Ramzan 2026: मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान अपने साथ रूहानियत और इबादत का पैगाम लेकर आता है,...

रॉयल एनफील्ड 650cc: स्टाइल, पावर और परफॉर्मेंस का परफेक्ट मेल

Royal Enfield 650cc: अगर आप एक ऐसी मोटरसाइकिल की तलाश में हैं जो दमदार...

US Tariffs: ट्रंप के टैरिफ ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कैसे घेरा?

US Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का आर्थिक चक्र पर...

Realme P4 Lite: बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में नया गेम चेंजर?

Realme P4 Lite: भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बजट सेगमेंट हमेशा से ही ग्राहकों के...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें