
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया बजट में देश की उभरती बैटरी इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जो इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
Budget 2026 में बैटरी इंडस्ट्री को बूस्ट, आत्मनिर्भरता की ओर नया कदम
Budget 2026: क्या है सरकार का लक्ष्य?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-ion battery) के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और आवश्यक वस्तुओं पर मिलने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट को आगे भी जारी रखा जाएगा। यह फैसला सीधे तौर पर घरेलू बैटरी उत्पादन को गति देने और भारत को वैश्विक बैटरी आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस नीतिगत कदम का मुख्य उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और मोबाइल उपकरणों सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए बैटरी निर्माण को बढ़ावा देना है।
यह छूट उन निर्माताओं के लिए एक बड़ी राहत है जो भारत में लिथियम-आयन बैटरी बनाने के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री आयात करते हैं। इसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ेगा, जिससे देश में बनी बैटरियां अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी।
स्थानीय उत्पादन पर जोर
सरकार का यह निर्णय स्पष्ट संकेत देता है कि वह देश में विनिर्माण को प्राथमिकता दे रही है। यह मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य स्थानीय उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है। घरेलू स्तर पर लिथियम-आयन बैटरी का उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी विशेषज्ञता में भी वृद्धि होगी। यह कदम भारत को स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की दिशा में आगे बढ़ने में भी मदद करेगा। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
सरकार की इस पहल से न केवल बड़े उद्योगपतियों को फायदा होगा, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमों को भी बैटरी उत्पादन के क्षेत्र में उतरने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करेगा कि देश की बैटरी जरूरतें घरेलू स्तर पर पूरी हों, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी व्यवधान का प्रभाव कम हो सके। इस कदम से भारत वैश्विक बैटरी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर पाएगा और अत्याधुनिक बैटरी प्रौद्योगिकियों के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा।





