

AI Technology: भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण पहल, पैक्स सिलिका (Pax Silica) में आधिकारिक तौर पर शामिल होने की घोषणा की है। यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में भारत की बढ़ती तकनीकी कूटनीति और रणनीतिक दूरदर्शिता को दर्शाता है।
AI Technology: भारत की नई उड़ान, अमेरिका के साथ ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शामिल
वैश्विक AI Technology सप्लाई चेन में भारत की भूमिका
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के आखिरी दिन यह घोषणा की गई कि भारत अब अमेरिका की ‘पैक्स सिलिका’ पहल का एक हिस्सा होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और समग्र टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना है। यह साझेदारी न केवल भारत की वैश्विक AI और चिप निर्माण क्षमता को सशक्त करेगी, बल्कि इसकी आर्थिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की उपलब्धता और उनके सुरक्षित प्रवाह को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, जो आधुनिक AI टेक्नोलॉजी के विकास के लिए आवश्यक हैं। इस कदम से भारत की ‘AI सप्लाई चेन’ में लचीलापन और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। साथ ही, यह वैश्विक स्तर पर AI सप्लाई चेन की चुनौतियों का समाधान करने में भी सहायक होगा। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
भारत के लिए पैक्स सिलिका का महत्व
पैक्स सिलिका में शामिल होना भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में AI से संबंधित प्रौद्योगिकियों के विकास और उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल और घटकों की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। यह भारत को वैश्विक तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को आकार देने में भी एक मजबूत आवाज प्रदान करेगा। यह पहल अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देती है और तकनीकी नवाचार के लिए एक सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद करती है, जो सभी भागीदार देशों के लिए फायदेमंद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह साझेदारी भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय बन गई है। भारत के इस कदम से न केवल उसकी अपनी डिजिटल संप्रभुता मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर AI के नैतिक और सुरक्षित विकास में भी उसका योगदान बढ़ेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

