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जनवरी, 4, 2026

भारतीय रेलवे: Online Train Ticket Booking बनाम काउंटर – आखिर क्यों चुकाते हैं आप ज्यादा दाम?

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Online Train Ticket Booking: भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए टिकट बुक करना एक दैनिक आवश्यकता है। जहां एक ओर ऑफलाइन काउंटर पर लंबी कतारें लगने का झंझट होता है, वहीं ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे टिकट बुक करने की सुविधा ने इसे काफी आसान बना दिया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह सुविधा आपको थोड़ी महंगी क्यों पड़ती है? इसका सीधा जवाब है – इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) द्वारा लगाए जाने वाले अतिरिक्त चार्ज। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जब भी आप IRCTC की वेबसाइट या ऐप के जरिए ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं, तो आपको टिकट के मूल किराए के अलावा कुछ अतिरिक्त शुल्क चुकाने पड़ते हैं, जो ऑफलाइन टिकट काउंटर पर नहीं लिए जाते।

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भारतीय रेलवे: Online Train Ticket Booking बनाम काउंटर – आखिर क्यों चुकाते हैं आप ज्यादा दाम?

Online Train Ticket Booking से जुड़े छिपे हुए शुल्क

ऑनलाइन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में कई तरह के शुल्क शामिल होते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है सुविधा शुल्क (convenience fee)। यह शुल्क IRCTC द्वारा अपनी ऑनलाइन सेवाओं को बनाए रखने और बेहतर बनाने के लिए लिया जाता है। इसके अलावा, पेमेंट गेटवे शुल्क भी शामिल हो सकते हैं, जो आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले बैंक या भुगतान माध्यम पर निर्भर करते हैं। ये अतिरिक्त शुल्क आपकी टिकट की कुल लागत को बढ़ा देते हैं, जिससे ऑनलाइन टिकट काउंटर से खरीदे गए टिकट की तुलना में महंगा प्रतीत होता है।

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ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन: लागत का गणित

जब आप किसी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से टिकट खरीदते हैं, तो आपको केवल टिकट का मूल किराया और लागू जीएसटी ही देना होता है। लेकिन ऑनलाइन बुकिंग में यह समीकरण बदल जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उदाहरण के लिए, नॉन-एसी क्लास के लिए सुविधा शुल्क के तौर पर लगभग 15 रुपये से 20 रुपये प्रति टिकट और एसी क्लास के लिए 30 रुपये से 40 रुपये प्रति टिकट तक लिए जा सकते हैं। यह अतिरिक्त राशि, भले ही छोटी लगे, आपके यात्रा बजट पर प्रभाव डाल सकती है, खासकर यदि आप कई टिकट बुक कर रहे हों। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, कुछ समय के लिए यह सुविधा शुल्क हटा दिया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर से लागू कर दिया गया। सरकार का तर्क है कि ये शुल्क ऑनलाइन बुनियादी ढांचे को बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर डिजिटल अनुभव प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं। यह समझना जरूरी है कि यह सिर्फ एक सुविधा शुल्क नहीं है, बल्कि यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को चलाने, उसके रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने की लागत का एक हिस्सा है। अगली बार जब आप ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करें, तो इन अतिरिक्त शुल्कों पर ध्यान दें, ताकि आपको अपनी यात्रा की कुल लागत का सही अनुमान हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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