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फ़रवरी, 18, 2026
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एआई समिट में ‘Robot Dog’ Orion और Unitree Go2 विवाद का पूरा सच

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Robot Dog: हाल ही में एआई और टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक दिलचस्प विवाद सामने आया है, जहां गाज़ियाबाद की गलगोटियाज यूनिवर्सिटी ने एक ‘एडवांस्ड रोबोट डॉग’ ‘Orion’ को एक प्रतिष्ठित एआई समिट में प्रदर्शित किया, लेकिन जल्द ही यह खुलासा हुआ कि यह असल में चीन की प्रतिष्ठित रोबोटिक्स कंपनी Unitree का Go2 मॉडल था। यह घटना तेजी से सोशल मीडिया और टेक सर्कल्स में चर्चा का विषय बन गई, खासकर तब जब देश में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी नवाचार पर जोर दिया जा रहा है। इस पूरे मामले ने न केवल एक संस्थान की साख पर सवाल उठाए हैं, बल्कि भारत में रोबोटिक्स के बढ़ते दायरे और उसके आसपास की चुनौतियों को भी उजागर किया है।

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एआई समिट में ‘Robot Dog’ Orion और Unitree Go2 विवाद का पूरा सच

Robot Dog Orion: असलियत और विवाद की जड़

यूनिवर्सिटी द्वारा ‘Orion’ के नाम से प्रस्तुत किया गया यह रोबोट, अपनी पहचान और मूल को लेकर गहरे संदेह में घिर गया। शुरुआती घोषणा में इसे भारत में निर्मित एक ‘एडवांस्ड डॉग रोबोट’ बताया गया था, लेकिन जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि यह चीन की अग्रणी रोबोटिक्स फर्म Unitree Robotics का ‘Go2’ मॉडल था। यह कंपनी ऐसे रोबोट बनाने के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इस खुलासे के बाद, सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई उपयोगकर्ताओं ने भारत में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए इस घटना को एक ‘नकली प्रदर्शन’ करार दिया।

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Unitree Go2 चीन की Unitree Robotics द्वारा विकसित एक उन्नत क्वाड्रेपडल रोबोट है। यह अपने कॉम्पैक्ट डिज़ाइन, उच्च गतिशीलता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं के लिए जाना जाता है।

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यह भी पढ़ें:  Robot Dog: एआई समिट में 'ओरियन' के नाम पर चीनी रोबोट Go2 का प्रदर्शन, क्या है सच?

Unitree Go2 के प्रमुख फीचर्स:

  • वजन: 15 किलोग्राम
  • चलने की गति: 2.5 मीटर प्रति सेकंड
  • बैटरी लाइफ: 2-4 घंटे (उपयोग के आधार पर)
  • कैमरा: 4K वाइड-एंगल AI कैमरा
  • सेंसर: 360-डिग्री ऑम्निडायरेक्शनल परसेप्शन
  • प्रोसेसर: हाई-परफॉरमेंस AI चिप
  • विशेषताएं: बाधाओं से बचना, जटिल भूभाग पर चलना, मानव-रोबोट इंटरैक्शन।

भारत में Unitree Go2 की अनुमानित कीमत ₹2 लाख से ₹4 लाख के बीच हो सकती है, जो कॉन्फ़िगरेशन और इम्पोर्ट ड्यूटी पर निर्भर करता है।

तकनीकी क्षमता और वैश्विक तुलना

Unitree Go2 जैसे रोबोट अपनी बहुमुखी प्रतिभा के कारण कई क्षेत्रों में उपयोग किए जा सकते हैं, जिनमें निगरानी, निरीक्षण, खोज और बचाव अभियान, और शिक्षा शामिल हैं। यह रोबोटिक्स में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव का एक बेहतरीन उदाहरण है। जबकि गलगोटियाज यूनिवर्सिटी का इरादा शायद एआई समिट में अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन करना था, पारदर्शिता की कमी ने विवाद को जन्म दिया। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। ऐसी घटनाओं से यह सबक मिलता है कि संस्थानों को अपने तकनीकी प्रदर्शनों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए, खासकर जब वे स्वदेशी नवाचार के दावों के साथ आते हैं। यह न केवल उनकी विश्वसनीयता को बढ़ाता है, बल्कि देश में वास्तविक तकनीकी प्रगति के लिए एक स्वस्थ वातावरण भी बनाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भारत का तकनीकी परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है, और ऐसी घटनाओं से सबक लेकर हम भविष्य में और अधिक प्रामाणिक नवाचारों को बढ़ावा दे सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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