

SIM Binding Rule: 1 मार्च 2024 से लागू होने जा रहा सिम बाइंडिंग नियम डिजिटल संचार की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लाएगा। यह SIM Binding Rule उन सभी यूजर्स को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा जो WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करते हैं, जिससे उनके ऐप एक्सेस करने के तरीके में मूलभूत परिवर्तन आएगा।
डिजिटल संचार में क्रांति: SIM Binding Rule के बाद बिना सिम नहीं चलेंगे मैसेजिंग ऐप
क्या है SIM Binding Rule और इसके मुख्य बिंदु?
1 मार्च से प्रभावी हो रहा यह नया नियम स्पष्ट करता है कि अब इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स को चलाने के लिए आपके पास एक एक्टिव सिम कार्ड होना अनिवार्य है। इसका मतलब है कि यदि आपके डिवाइस में कोई सक्रिय सिम कार्ड नहीं है, तो आप WhatsApp, Telegram या Signal जैसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग नहीं कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नियम खास तौर पर उन यूजर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो मल्टी-डिवाइस लॉगिन या पुराने निष्क्रिय सिम कार्ड का उपयोग करके इन सेवाओं तक पहुँच प्राप्त करते थे।
नियम का दूसरा अहम पहलू वेब यूजर्स के लिए है। यदि आप किसी मैसेजिंग ऐप को वेब ब्राउज़र के माध्यम से एक्सेस कर रहे हैं, तो आपका सेशन छह घंटे के बाद अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। इससे सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे अनधिकृत पहुंच का जोखिम कम होगा। भारत में डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, क्योंकि मैसेजिंग ऐप्स अक्सर संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
उपयोगकर्ताओं पर क्या होगा असर?
इस नियम से सबसे पहले उन लोगों को परेशानी हो सकती है जो सिर्फ वाई-फाई के भरोसे मैसेजिंग ऐप इस्तेमाल करते हैं या जिनके फोन में सिम नहीं होता। अब उन्हें इन ऐप्स का इस्तेमाल करने के लिए एक सक्रिय सिम कार्ड रखना होगा। यह नियम मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के दुरुपयोग और स्पैम एक्टिविटीज पर भी लगाम लगाने में मददगार हो सकता है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो डिजिटल इकोसिस्टम को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको ऐसे ही महत्वपूर्ण अपडेट्स देता रहता है।




