

मुख्य बातें : जांच के दौरान जिप सदस्य व मुखिया पक्ष के बीच तनाव का रहा माहौल, एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी, फोटो: बेनीपट्टी के परजुआर पंचायत में योजनाओं की जांच करते लोकपाल
बेनीपट्टी,मधुबनी देशज टाइम्स। जिप सदस्य अलका झा के परिवाद के आलोक में लोकपाल ने प्रखंड के परजुआर पंचायत में मनरेगा योजना की जांच की। लोकपाल ने सबसे पहले विवादित बलहा घाट में हुई कथित मनरेगा योजना की जांच की।
इस दौरान उक्त तालाबनुमा हो चुके स्थल के कथित भूस्वामी लोकपाल के समक्ष उपस्थित होकर उक्त जमीन पर अपना दावा करते हुए कहा कि यह मेरी जमीन है।
इस दौरान कचहरी सचिव पप्पू झा की ओर से जांच के दौरान लोकपाल के समक्ष बात रखने पर जिप सदस्य व उनके प्रतिनिधि ने आपत्ति प्रकट करते हुए कहा कि पप्पू झा इस मामले में आरोपित हैं, इसीलिए उन्हें जांच स्थल से दूर किया जाये।
इसी बात को लेकर बलहा घाट पर दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासूनी शुरू हो गयी। जिप प्रतिनिधि के द्वारा जांच स्थल पर लोकपाल के जांच के तौर-तरीकों पर आपत्ति जताई गई। इसी बात पर मुखिया प्रतिनिधि व जिप प्रतिनिधि के बीच और उनके समर्थकों के बीच काफी हो-हंगामा किया गया।
हंगामा के बाद जिप सदस्य व प्रतिनिधि ने आगे जांच स्थल पर जाने से यह कहकर इनकार कर दिया गया कि, जांच निष्पक्ष नही हो रही है। उक्त जांच स्थल से निकलने के बाद लोकपाल ने दुलारचंद घर से जनक नदाफ के घर तक हुई पीसीसी सड़क की जांच की।
इस दौरान लोकपाल ने सड़क की लंबाई, चौड़ाई और गुणवत्ता की जांच की और योजना से जुड़ी अभिलेख का अवलोकन लिया। जांच स्थल पर जांच कर लौटते समय एक बार फिर जिला परिषद सदस्य व उनके समर्थकों के द्वारा लोकपाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
इसी दौरान मुखिया के समर्थक जहां जिला परिषद के खिलाफ तो जिप सदस्य के समर्थक मुखिया के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं लोकपाल ने बताया कि जिप सदस्य के परिवाद के आलोक में जांच में आये थे। उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी पर हमला किया गया।
उधर परजुआर पंचायत में जांच के बाद भी स्थानीय स्तर पर तनाव बना हुआ है। उधर, जिप सदस्य अलका झा ने बताया कि लोकपाल सही से जांच के बजाय एकतरफा काम किये है। इन्हें सभी योजनाओं की जांच करना था, लेकिन, ये दो घंटे में जांच की खानापूरी कर जा रहे हैं। इससे साफ है कि लोकपाल पैसे पर बिक चुके हैं।


