

आकिल हुसैन मधुबनी देशज टाइम्स। (Deshaj News Madhubani)। नेपाल रेल परिचालन का समय अवधि 31 दिसंबर 2019 को समाप्त होने के बाद जयनगर-जनकपुर-बर्दीबांस तक नेपाली ट्रेन का परिचालन नहीं हुआ। वर्षों से बेटी-रोटी के संबंध में और प्रगाढ़ बनाने के लिए नेपाल में सन् 1934 ई से ब्रिटिश कालीन नैरो गेज ट्रेन को बड़ी रेल लाइन में परिवर्तन करने के उद्देश्य से तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने पङोसी राष्ट्र नेपाल सरकार से वर्ष 2010 में जयनगर जनकपुर बर्दीबांस 69 किलोमीटर नई रेल लाइन के निर्माण के लिए समझौता हुआ।
वर्ष 2011 ई में वर्षों से चल रही नैरो गेज रेल के परिचालन को बंद कर जयनगर जनकपुर बर्दीबांस नेपाल नई बङी रेल लाइन निर्माण के लिए इरकान इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को भारत सरकार ने 548 करोड़ अब 700 करोड़ रुपये से ये काम को सौंपते हुए। प्रथम चरण में जयनगर जनकपुर कुर्था 35 किलोमीटर को वर्ष 2014 में पूरा कर रेल परिचालन करने पर सहमति बनी। लेकिन नेपाल में कई तरह की कठिनाइयों के कारण निर्माण एजेंसी को निर्माण कार्य में तरह-तरह की परेशानी उठानी पड़ी।
नेपाल रेल परिचालन विलंब से दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भारी फजीहत उठानी पड़ती है। जयनगर-जनकपुर नेपाली ट्रेन परिचालन से न सिर्फ आर्थिक,सांस्कृतिक, धार्मिक पर्यटन ही नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही बेटी रोटी का संबंध और मजबूत होगा। नेपाल में चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए भी जयनगर जनकपुर बर्दीबांस रेल परियोजना सामरिक एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है।
इसके पूरा होने से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा समाजिक व सांस्कृतिक आवाजाही और दोनों देशों के लोगों को आने-जाने में काफी सहूलियत होगी। लाइफ लाइन माने जाने वाली एकमात्र रेल सेवा के ठप रहने दोनों देशों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है।
भारत नेपाल रेल परिचालन का दोनों देशों के लोगों को काफी लंबे अर्से से इंतजार हैं। निर्माण एजेंसी सूत्रों की मानें तो विगत माह प्रलयकारी बाढ़ नेपाली रेलवे ट्रैक को कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया है। जिसमें जयनगर ईनरवा के समीप व कुर्था बिजलपुरा के बीच है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय क्षेत्र में हुए कटाव को मरम्मती का काम युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। जबकि नेपाल सरकार कुर्था बिजलपुरा के बीच कटाव स्थल के समीप तटबंध का निर्माण करा दे तो मार्च से मई 2020 तक जयनगर जनकपुर कुर्था बिजलपुरा तक रेल परिचालन संभव है।
नेपाल के कूटनीतिक के कारण रेल परिचालन काफी लंबे समय से बंद रहने के कारण लोगों को भारी फजिहत उठानी पड़ रही है। जयनगर जनकपुर रेल ट्रैक बन कर तैयार रहने के कारण नेपाल सरकार के द्वारा नई नीति के कारण ट्रेन की खरीद के लिए भारत सरकार को राशि मुहैया करा दी गई है। जयनगर से कुर्था 35 किलोमीटर कुर्था से बिजलपुरा 17 व बिजलपुरा से बर्दीबांस 17 किलोमीटर की दूरी हैं। जबकि जयनगर जनकपुर कुर्था के बीच चार स्टेशनों में जयनगर,ईनरवा,महिनाथपुर व कुर्था जब पांच रेलवे हाॅल्ट बनाया गया है।
MADHUBANI NEWS-31 दिसंबर बीता, नहीं चली जयनगर-जनकपुर-बर्दीबांस तक नेपाली ट्रेन








You must be logged in to post a comment.