बिहार में बाढ़ का कहर! गंगा का जलस्तर खतरे के पार, 19 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट। पटना में गंगा ने तोड़े किनारे! गली-मुहल्लों में कमर तक पानी, सांपों का डर बढ़ा। गंगा में रौद्र रूप! बक्सर से भागलपुर तक जलस्तर खतरे के ऊपर, राहत टीमें अलर्ट। मौसम विभाग की चेतावनी – बिहार के 19 जिलों में भारी बारिश, पटना में बाढ़ संकट गहराया। पटना में जलजमाव का कहर! लोग छतों पर शरण लिए, ‘सरकारी नाव’ का इंतजार। गंगा का पानी घरों में घुसा, भागलपुर-किशनगंज में भी खतरे का अलार्म। बिहार में आसमान से आफत – गंगा उफानी, 19 जिलों में बाढ़ और वज्रपात का खतरा@पटना, देशज टाइम्स।
बिहार में गंगा का कहर! पटना समेत 19 जिलों में बाढ़ का खतरा, ऑरेंज अलर्ट जारी
पटना, देशज टाइम्स – बिहार में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। गंगा, पुनपुन और सोन समेत सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना, बक्सर, भागलपुर और समस्तीपुर में हालात बिगड़ रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
गंगा का जलस्तर कई जगह खतरे से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े:
| स्थान | वर्तमान जलस्तर | खतरे का स्तर | ऊपर/नीचे |
|---|---|---|---|
| बक्सर | 60.85 मीटर | 60.32 मीटर | +0.53 मीटर |
| दानापुर | 51.92 मीटर | 51.20 मीटर | +0.72 मीटर |
| दीघाघाट (पटना) | 51.10 मीटर | 50.45 मीटर | +0.65 मीटर |
| गांधीघाट (पटना) | 49.87 मीटर | 48.60 मीटर | +1.27 मीटर |
| मौजमपुर (भोजपुर) | 54.67 मीटर | 54.496 मीटर | +0.17 मीटर |
| कहलगांव (भागलपुर) | 31.78 मीटर | 31.09 मीटर | +0.69 मीटर |
कई जगह जलस्तर में प्रति घंटे 10 मिमी की वृद्धि दर्ज की जा रही है।
पटना में हालात गंभीर, लोगों की बढ़ी परेशानी
गली-मुहल्लों में कमर तक पानी, घरों के आंगन में सांप, टॉयलेट और पीने के पानी की किल्लत। दानापुर जजेज कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी नहीं, लोग छतों और ऊंची जगहों पर शरण। दीघा, गांधी घाट, गाय घाट, गुलबी घाट, आलमगंज और बिंद टोली में पानी खतरे से ऊपर।
19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारी वर्षा की संभावना: उत्तर बिहार: सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, किशनगंज, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, शिवहर। उत्तर-पूर्व: किशनगंज, अररिया (अति भारी वर्षा की चेतावनी)। दक्षिण बिहार: बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, गया, नालंदा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद शामिल है।
संभावित खतरे:
बिजली गिरना, तेज हवाएं, निचले इलाकों में बाढ़। मेघगर्जन और वज्रपात से जनहानि का जोखिम।
सरकारी तैयारी की बड़ी तैयारी
नाव संचालन जल्द शुरू होगा। कम्युनिटी किचन और पशु चारा वितरण। तटबंधों की निगरानी और मरम्मत। आपदा राहत टीम हाई अलर्ट पर है।
जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी:
“बाढ़ नियंत्रण को लेकर हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। यदि स्थिति बिगड़ती है तो तुरंत राहत कार्य शुरू होंगे।”







