Patna NEET News: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) की पुनर्परीक्षा को लेकर पटना जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 21 जून को होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के कदाचार मुक्त और सफल संचालन के लिए बुधवार को पटना समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने कई कड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कदाचार रोकने को प्रशासन का कड़ा रुख, मिलेगी बड़ी राहत
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पटना प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। बुधवार को हुई इस बैठक में जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा के संचालन में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले में प्रशासन ने हर संभव कदम उठाने का संकल्प लिया है।
अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार का कदाचार या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाएगी। यह कदम उन तत्वों को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है जो परीक्षा की पवित्रता भंग करने का प्रयास करते हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों को भी एक सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा माहौल की उम्मीद मिलेगी।
पटना जिले में NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के लिए कुल 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 46,029 से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों से आएंगे। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की उपस्थिति को देखते हुए, सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।
कोचिंग संस्थानों पर ताला, सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। 21 जून को पटना जिले के सभी कोचिंग संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। यह निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि परीक्षा से संबंधित कोई भी अनुचित गतिविधि इन संस्थानों के माध्यम से न हो पाए। इसके साथ ही, इन कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी अप्रत्याशित घटना न हो।
इसके अतिरिक्त, असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन उन सभी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहा है जो परीक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर अभ्यर्थियों के अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। चेतावनी दी गई है कि अफवाह फैलाने वालों और गलत जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह उपाय छात्रों के बीच अनावश्यक तनाव को कम करने और उन्हें शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा देने में मदद करने के लिए आवश्यक है।
अभ्यर्थियों को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा, केंद्रों पर विशेष इंतजाम
राज्य सरकार के निर्देश पर, NEET UG के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की बसों में उन्हें निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम अभ्यर्थियों के आने-जाने की परेशानी को कम करेगा और खासकर दूरदराज से आने वाले छात्रों के लिए आर्थिक बोझ को हल्का करेगा। जिला परिवहन पदाधिकारी को इस सुविधा की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सके।
परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सभी 95 केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, आवश्यक मेडिकल सुविधा और अभ्यर्थियों के लिए आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र (वेटिंग एरिया) का इंतजाम किया जाएगा। वर्तमान में चल रही भीषण गर्मी को देखते हुए, प्रशासन ने एक और मानवीय पहल की है। परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर की दूरी पर छायादार स्थलों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों को धूप और गर्मी से राहत मिल सके।
यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि अभिभावकों को अपने बच्चों का इंतजार करते समय अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य अभ्यर्थियों को बिना किसी व्यवधान के परीक्षा देने में मदद करना है। Bihar Exam News के तहत यह एक महत्वपूर्ण विकास है, जो राज्य के छात्रों के हित में है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और अंतर-विभागीय समन्वय
जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDOs) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPOs) को परीक्षा के दिन लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करने का निर्देश दिया है। किसी भी समस्या या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर उन्हें तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। यह सक्रिय निगरानी परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी अप्रिय घटना को तत्काल रोकने में सहायक होगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें अंतर-विभागीय समन्वय के साथ इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। डीएम ने बताया कि परीक्षा की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और सभी व्यवस्थाओं पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी कमी न रहे और परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह महत्वपूर्ण इम्तिहान पूरी ईमानदारी और बिना किसी विवाद के संपन्न हो। प्रशासन ने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की है ताकि राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा की गरिमा को बनाए रखा जा सके।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







