
दरभंगा | ज़िले के केवटी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। ननौरा से मोहम्मदपुर तक की सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण (Strengthening) के लिए ₹25.55 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत की गई है और इसका उद्देश्य आवागमन को सुगम एवं सुरक्षित बनाना है।
वर्तमान सड़क की स्थिति बेहद खराब, लोगों को हो रही थी परेशानी
वर्तमान में यह 6.84 किमी लंबी सड़क काफी संकरी एवं जर्जर स्थिति में है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों, छात्रों और व्यवसायियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चौड़ीकरण से बढ़ेगा कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास
इस परियोजना के तहत सड़क को तकनीकी मानकों के अनुरूप चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा। इससे जहां एक ओर यातायात में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यह सड़क राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से जोड़ने का कार्य करेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
रोज़गार सृजन और व्यापार में होगा इजाफा
इस परियोजना के तहत स्थानीय युवाओं को निर्माण कार्य में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही जब सड़क बनकर तैयार हो जाएगी, तब परिवहन में सुधार से व्यापार, कृषि और शिक्षा क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। यह सड़क ग्रामीण उत्पादों को बाज़ार तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी।
परियोजना के मुख्य बिंदु
परियोजना का नाम: ननौरा से मोहम्मदपुर तक सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण
लंबाई: 6.84 किमी
अनुमोदित बजट: ₹25.55 करोड़
वित्तीय वर्ष: 2025-26
स्वीकृत प्राधिकरण: बिहार सरकार, पथ निर्माण विभाग
मुख्य उद्देश्य: आवागमन सुगम बनाना, सुरक्षा सुनिश्चित करना, ग्रामीण विकास को गति देना
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका
परियोजना की स्वीकृति में स्थानीय विधायक एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका सराहनीय रही है। बताया जाता है कि इस सड़क की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी, और अब जाकर सरकारी मंजूरी मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगा बल
इस सड़क के चौड़ीकरण से केवटी, ननौरा, मोहम्मदपुर सहित दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह सड़क विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, और मंडियों तक पहुंच आसान बनाएगी। आर्थिक दृष्टिकोण से यह परियोजना स्थानीय किसानों, दुकानदारों, और सेवा प्रदाताओं के लिए भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।