
केवटी नवोदय विद्यालय छात्र 12 वर्षीय जतिन की संदिग्ध मौत का मामला! परिवार बोला – आत्महत्या नहीं हत्या, चाहिए CBI जांच। जतिन की मौत पर परिजनों का सवाल – बिना पूछताछ प्राचार्य और हाउस मास्टर कैसे बरी? दो महीने बाद भी जतिन को इंसाफ नहीं!@केवटी-दरभंगा,देशज टाइम्स।
रामेश्वरनाथ महादेव परिसर में गूंजा दर्द – दो इंसाफ
जांच टीम पर लापरवाही का आरोप, हत्या को आत्महत्या बताया गया। रामेश्वरनाथ महादेव परिसर में गूंजा दर्द – जतिन के माता-पिता ने कहा ‘हमें चाहिए न्याय, CBI जांच करो’। बैठक में गूंजा इंसाफ का सवाल! कहा – अगर CBI जांच नहीं हुई तो पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। स्थानीय लोग बोले – दोषियों को मिले सजा@केवटी-दरभंगा,देशज टाइम्स।
नवोदय विद्यालय छात्र की मौत पर उठे सवाल, परिजन बोले — CBI जांच के बिना न्याय असंभव
केवटी (दरभंगा), देशज टाइम्स। नवोदय विद्यालय के 12 वर्षीय छात्र जतिन गौतम की संदिग्ध मौत मामले में रविवार को रामेश्वर नाथ महादेव परिसर में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से उच्चस्तरीय CBI जांच की मांग उठाई गई।
जांच की भूमिका पर प्रश्नचिह्न
जानकारी के अनुसार, बैठक में 13 जुलाई को नवोदय के आठवीं के अरावली जूनियर बालक छात्रावास में जतिन गौतम की संदिग्ध स्थिति में पंखे से लटकी मिली लाश के बाद जांच की भूमिका पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए इसकी जांच रिपोर्ट पर नाराजगी जताई गई।
जतिन की मां मुखिया रूबी, पिता संतोष कुमार साह
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार जांच बिल्कुल ही संतोषप्रद नहीं है। इसे सबने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। वहीं, जतिन की मां मुखिया रूबी कुमारी और पिता संतोष कुमार साह समेत परिजनों ने ग्रामीणों से अपनी बात और पीड़ा का जिक्र करते कहा कि जिलास्तरीय तीन सदस्यीय जांच टीम की जांच संतोषजनक नहीं है।
जल्दीबाजी में हत्या को आत्महत्या बताना दुर्भाग्यपूर्ण
उन्होने सवाल उठाते कहा कि जांच के दौरान स्कूल के निवर्तमान प्राचार्य तथा हाउस मास्टर से भी अभी तक पूछताछ नहीं हुई है। जांच के लिए एसआई टीम का भी गठन नहीं किया गया। जांच टीम ने जांच के दौरान जल्दीबाजी में हत्या को आत्म हत्या बताकर मामले को दबाने की कोशिश की गई है। घटना के दो माह बीत जाने के बाद भी जतिन को इंसाफ नहीं मिला। हम लोग न्याय के लिए दर दर भटक रहे हैं। उन्होने घटना की उच्चस्तरीय सीबीआई से जांच कराकर इंसाफ दिलाने की मांग की।
घटना का संदिग्ध मामला
13 जुलाई को जतिन गौतम, कक्षा 8 के छात्र, का शव अरावली जूनियर बालक छात्रावास में पंखे से लटका मिला था। इस घटना को लेकर अभिभावक और ग्रामीण अब भी संतुष्ट नहीं हैं।
परिजनों ने जताई नाराजगी
मृतक छात्र के पिता संतोष कुमार साह और माता, मुखिया रूबी कुमारी, ने बैठक में अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि –जिलास्तरीय तीन सदस्यीय जांच टीम की जांच संतोषजनक नहीं रही। निवर्तमान प्राचार्य और हाउस मास्टर से अब तक पूछताछ नहीं हुई।
जांच टीम ने जल्दबाजी में घटना को आत्महत्या करार देने की कोशिश की। अब तक SIT का गठन भी नहीं किया गया।
न्याय के लिए CBI जांच की मांग
बैठक में लोगों ने कहा कि घटना के दो महीने बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला। यदि जल्द ही CBI जांच नहीं होती, तो परिजन पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलेगी और सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का समर्थन
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकमत से कहा कि – यह मामला केवल एक परिवार का नहीं बल्कि सिस्टम की जवाबदेही से जुड़ा है। मामले की CBI जांच ही सच को सामने ला सकती है।