बेगूसराय। हर युवा की आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने होते हैं, लेकिन जब इन्हीं सपनों को कोई शातिर जालसाज ठगी का जरिया बना ले, तो क्या होता है? बिहार के बेगूसराय से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महत्वाकांक्षी छात्रा को प्रवेश परीक्षा में ‘पास’ कराने के नाम पर धोखे का शिकार बना लिया गया। यह घटना शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ रही धोखाधड़ी की प्रवृत्ति को एक बार फिर उजागर करती है।
मिली जानकारी के अनुसार, बेगूसराय जिले की एक छात्रा को किसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा (entrance exam) में सफलता दिलाने का झांसा दिया गया। अज्ञात ठगों ने छात्रा से संपर्क साधा और उसे परीक्षा पास कराने के एवज में पैसे की मांग की। छात्रा, जो शायद अपने भविष्य को लेकर चिंतित थी, ठगों के बहकावे में आ गई और उनकी मांगों को पूरा कर दिया। हालांकि, बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, जब ठगों ने उससे दूरी बना ली या कोई अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया। यह घटना बताती है कि कैसे अपराधी छात्रों की कमजोरियों और उनके सपनों का फायदा उठाते हैं।
परीक्षा में सफलता का झांसा (Lure of Success in Exam)
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सरकारी नौकरी या प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला मिलना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में कई छात्र और उनके अभिभावक शॉर्टकट की तलाश में आ जाते हैं। ठग इसी मानसिकता का फायदा उठाते हैं। वे छात्रों को बड़े-बड़े वादे करते हैं, जैसे कि प्रवेश परीक्षा (entrance exam) में प्रश्न पत्र लीक कराना, सेटिंग के जरिए पास कराना, या प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा करना। इन झांसे में आकर कई बार छात्र अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। बेगूसराय की छात्रा के साथ हुआ यह वाक्या भी इसी कड़ी का हिस्सा प्रतीत होता है।
ठगों के निशाने पर छात्र (Students Targeted by Scammers)
यह पहला मौका नहीं है जब छात्रों को इस तरह से ठगी का शिकार बनाया गया हो। पूरे देश में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (competitive exams) और प्रवेश परीक्षाओं (entrance exams) के नाम पर भोले-भाले छात्रों को अपना निशाना बनाते हैं। वे अक्सर सोशल मीडिया (social media), फर्जी वेबसाइटों (fake websites) या सीधे संपर्क के माध्यम से छात्रों तक पहुंचते हैं। ऐसे ठग गिरोहों से सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है। छात्रों को हमेशा याद रखना चाहिए कि किसी भी परीक्षा को पास करने का एकमात्र वैध तरीका कड़ी मेहनत और ईमानदारी है।
इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन और पुलिस को ऐसे मामलों पर गंभीरता से ध्यान देने और छात्रों में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, ताकि वे भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी से बच सकें। अभिभावकों को भी अपने बच्चों को ऐसी किसी भी अनजान पेशकश के प्रति आगाह करना चाहिए।



