दरभंगा न्यूज़: एक तरफ अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ थानों में पीड़ितों की सुनवाई न होने से न्याय की उम्मीद धुंधली पड़ रही है। दरभंगा में एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जहां सोने की चेन छीनने के बाद पीड़ित 15 दिनों तक एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटकता रहा। लेकिन जब एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी ने मोर्चा संभाला, तब जाकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और कार्रवाई हुई।
चेन छीनने की वारदात और पुलिस की लापरवाही
4 नवंबर, 2025 को दरभंगा का लोहिया चौक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रोड शो को लेकर गुलजार था। इसी भीड़ का फायदा उठाकर अपराधियों ने सैदनगर, विश्वकर्मा मंदिर के पास रहने वाले सोहन कुमार कर्ण को निशाना बनाया। रोड शो देखने आए सोहन कुमार के गले से बदमाशों ने 16 ग्राम वजनी सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। इस घटना के बाद सोहन न्याय की गुहार लगाते हुए अगले 15 दिनों तक लहेरियासराय थाना के चक्कर काटते रहे, लेकिन हैरत की बात यह है कि उनकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार का हस्तक्षेप
जब सोहन कुमार कर्ण को थाने से कोई मदद नहीं मिली, तो उन्होंने सिविल कोर्ट स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी से संपर्क किया। आरती कुमारी ने पीड़ित की आपबीती सुनने के बाद मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने न केवल पीड़ित की बात सुनी, बल्कि खुद लहेरियासराय थाना पहुंचीं और मामले की तहकीकात की। उनके हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस को झुकना पड़ा और आखिरकार सोहन कुमार कर्ण की शिकायत पर सोने की चेन छीनने का मामला दर्ज किया गया।
Darbhanga SSP ने लिया संज्ञान, अधिकारियों पर गिरी गाज
दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जगुनाथ रेड्डी जलरेड्डी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल मामले की जांच के आदेश दिए और लहेरियासराय थाना के सर्किल इंस्पेक्टर रामेश्वर साफी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए लहेरियासराय थाना की ओडी पदाधिकारी गुलनाज कौसर और थाना लेखक संजय कुमार भारती से स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां एक सामान्य नागरिक को एफआईआर दर्ज कराने के लिए 15 दिनों तक भटकना पड़ता है और एक वरिष्ठ अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ही मामला दर्ज हो पाता है।







