
दरभंगा समाचार: शहर के सीएम साइंस कॉलेज में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने राहगीरों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर कॉलेज के छात्रों ने जिस अनूठे अंदाज में जागरूकता की अलख जगाई, वह न सिर्फ प्रशंसनीय था, बल्कि एक गंभीर बीमारी के प्रति समाज की भ्रांतियों को तोड़ने का एक सशक्त प्रयास भी। आखिर कैसे इन युवाओं ने एक दिन में ही एड्स जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गहरी छाप छोड़ी?
सीएम साइंस कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा सोमवार को विश्व एड्स दिवस बड़े उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस में एड्स के प्रति सही जानकारी पहुंचाना और इससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना था। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए एड्स से बचाव के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एड्स का एकमात्र प्रभावी समाधान बचाव में ही निहित है और इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व स्तर पर एड्स दिवस का आयोजन किया जाता है, जिसमें एनएसएस जैसी स्वयंसेवी संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
नुक्कड़ नाटक से जन-जागरूकता
जागरूकता अभियान के तहत, एनएसएस के स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर एचआईवी-एड्स जागरूकता विषय पर एक बेहद प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इस प्रस्तुति का केंद्रीय विचार समाज में एचआईवी-एड्स से संबंधित गलत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर करना, लोगों में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित व्यवहार अपनाने का संदेश देना था। नाटक के माध्यम से छात्रों ने बेहद संवेदनशीलता और रचनात्मकता के साथ इस गंभीर मुद्दे को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।
इस नुक्कड़ नाटक को देखने के लिए राहगीरों के साथ-साथ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र, एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. युगेश्वर साह, और सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी दर्शक दीर्घा में खड़े होकर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन कर रहे थे। प्रधानाचार्य ने इस दौरान स्वयंसेवकों के प्रयासों की जमकर सराहना की और उन्हें एचआईवी-एड्स के प्रति स्वयं जागरूक रहने तथा समाज में भी इस जागरूकता को फैलाने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों का रचनात्मक योगदान और सम्मान
नुक्कड़ नाटक के सफल मंचन के बाद, स्वयंसेवकों ने एक और रचनात्मक पहल की। वे अपने घरों से विभिन्न आकर्षक पोस्टर बनाकर लाए थे, जिन पर एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने वाले संदेश लिखे हुए थे। इन पोस्टरों को राष्ट्रीय सेवा योजना के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित किया गया, जिसने इस जागरूकता अभियान में उनकी सार्थक और रचनात्मक सहभागिता को दर्शाया। ये पोस्टर दर्शकों को आकर्षित करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान कर रहे थे।
यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. युगेश्वर साह के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में, नुक्कड़ नाटक में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले छात्रों में काम्या, जोहा, अम्बे, सोनू, शिवम, अंकित, अविनाश, राखी, श्यामा, इकरा और मशिरा शामिल थे। इस सम्मान समारोह ने छात्रों के प्रयासों को मान्यता दी और उन्हें भविष्य में ऐसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित किया।




