
भागलपुर न्यूज़: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि सीमित संसाधनों में भी छात्र ऐसे मॉडल तैयार कर सकते हैं, जो देश की सुरक्षा से लेकर कृषि तक की समस्याओं का समाधान सुझाते हों? भागलपुर में आयोजित एक अनोखे विज्ञान मेले में बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सबको चौंका दिया है। यह सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों की एक झलक थी, जिसने हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कैसे छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं।
कला संस्कृति एवं युवा विभाग, जिला प्रशासन भागलपुर और भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में 1 दिसंबर 2025 को जिला स्तरीय युवा उत्सव का सफल आयोजन किया गया। इस उत्सव के तहत किलकारी, भागलपुर के बरारी परिसर में एक भव्य विज्ञान मेले का आयोजन हुआ, जहां युवा प्रतिभाओं को अपनी वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम को दो श्रेणियों में बांटा गया था, जिसमें युवा वर्ग को प्रतियोगिता श्रेणी में और जूनियर वर्ग को गैर-प्रतियोगिता श्रेणी में शामिल किया गया था।
उत्सव का भव्य आगाज़
विज्ञान मेले का उद्घाटन उप विकास आयुक्त भागलपुर श्री प्रदीप कुमार सिंह, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य राजू एम. तुगाण्यात, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन तथा प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक साहिल राज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों का अंगवस्त्र, पौधा एवं हस्तनिर्मित पुष्प भेंट कर सम्मान किया गया, जो भारतीय संस्कृति और पर्यावरण प्रेम का प्रतीक था।
अतिथियों को संबोधित करते हुए जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने विज्ञान और नवाचार की दिशा में बच्चों की बढ़ती रुचि और प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को नए विचारों को अपनाने और प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. पुष्पलता ने मेले को बच्चों की वैज्ञानिक क्षमता, जिज्ञासा और रचनात्मकता को प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बताया। कॉलेज के प्राचार्य राजू एम. तुगाण्यात ने अपने संबोधन में विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर सीखने और प्रयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अतिथियों ने सराही बाल वैज्ञानिकों की सोच
मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में भी बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडल यह साबित करते हैं कि प्रतिभा किसी भी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में बड़ी सफलताएँ छोटे-छोटे प्रयासों से ही प्राप्त होती हैं। उन्होंने बच्चों से विज्ञान को अपनाने और भविष्य में समाज व देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया। श्री सिंह ने बच्चों को अपने मनोबल को मजबूत रखने और अपनी योग्यताओं पर विश्वास बनाए रखने की भी प्रेरणा दी।
भविष्य की चुनौतियों से निपटने वाले मॉडल
उद्घाटन सत्र के बाद, अतिथियों और निर्णायक मंडल ने विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी का भ्रमण किया। प्रतिभागियों ने अपने मॉडलों के विषय, निर्माण प्रक्रिया और उपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। निर्णायक मंडल में भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. पुष्पलता, जन्मजय कुमार और सौरव शामिल थे, जिन्होंने सभी मॉडलों का गंभीरता से निरीक्षण कर श्रेष्ठ मॉडलों का चयन किया। प्रदर्शनी में कई अभिनव मॉडल देखने को मिले, जिनमें प्रमुख थे:
- डिफेन्स सिस्टम मॉडल: यह मॉडल अल्ट्रासोनिक सेंसर की मदद से दुश्मन की गतिविधि का पता लगाने में सक्षम था, जो कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी सैन्य सुरक्षा के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
- सोलर ट्रैकर प्रोजेक्ट: इस परियोजना का उद्देश्य सूर्य की दिशा के अनुसार सोलर पैनल को स्वचालित रूप से घुमाकर अधिकतम सौर ऊर्जा प्राप्त करना था, जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- ऑटोमेटेड एग्रीकल्चर रोबोट: इस मॉडल में खेती के विभिन्न कार्यों जैसे बुवाई, जुताई, सिंचाई और खाद देने की प्रक्रिया को स्वचालित रूप से संचालित करने की क्षमता दर्शाई गई, जो आधुनिक कृषि के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
- सेग्रिगेट वेस्ट सिस्टम मॉडल: यह मॉडल गीले, सूखे और धातु के कचरे को अलग करने वाली तकनीक पर आधारित था, जो पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को सरल व प्रभावी बनाता है।
विजेताओं को मिला सम्मान
प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें युवा और जूनियर दोनों वर्गों के प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी उत्कृष्ट परियोजनाओं के लिए सम्मानित किया गया:
- गैर-प्रतियोगिता जूनियर वर्ग श्रेणी:
- प्रथम स्थान: ज्योति कुमारी एवं समूह
- द्वितीय स्थान: अहाना शाह
- तृतीय स्थान: अंजली कुमारी
- प्रतियोगिता युवा वर्ग श्रेणी:
- प्रथम स्थान: साक्षी कुमारी एवं समूह
- द्वितीय स्थान: सोनू कुमार एवं समूह
- तृतीय स्थान: आदर्श कुमार एवं समूह एवं अंकित कुमार एवं समूह (संयुक्त रूप से)
कार्यक्रम का सफल संचालन वैभव राज ने किया और प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक साहिल राज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी ट्विंकल रानी, किलकारी के प्रशिक्षक, अभिभावकगण तथा बड़ी संख्या में बच्चे एवं युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वैज्ञानिक और रचनात्मक उत्सव का भरपूर आनंद लिया।


