
हनुमाननगर/दरभंगा, देशज टाइम्स : खाकी वर्दी पर एक बार फिर दाग लगा है। पुलिस की सुरक्षा में रहने वाली महिला ही जब थाने में सुरक्षित न हो, तो आम नागरिक का क्या होगा? दरभंगा के मोरो थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए एक महिला होमगार्ड के साथ शर्मनाक हरकत की, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मोरो थाना में पदस्थापित एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की हरकतों ने पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है। बीते 1 नवंबर की रात मोरो थाना में कार्यरत एक महिला गृहरक्षक के कमरे में घुसकर उसके अस्मत से खिलवाड़ करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर रोशन कुमार ने महिला के कमरे में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की। इस संबंध में वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर पीड़िता के आवेदन पर मोरो थाना में आरोपी SI के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मोरो थाने में घटी घटना
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय मोरो थानाध्यक्ष दिव्य ज्योति अवकाश पर थीं। इस अवधि में सब-इंस्पेक्टर रोशन कुमार प्रभारी थानाध्यक्ष के तौर पर थाने का दायित्व संभाल रहे थे। 1 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे, आरोपी सब-इंस्पेक्टर थाना परिसर में स्थित पुलिसकर्मियों के बैरक में चले गए और वहां महिला गृहरक्षक के कमरे में घुसकर उसके साथ छेड़खानी करने लगे।
पीड़िता ने इस हरकत का पुरजोर विरोध किया और शोर मचाया, जिसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों को आता देख आरोपी SI वहां से निकल गया। इस गंभीर घटना की सूचना तुरंत जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों का दखल, FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को जिला से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर दरभंगा मोरो थाना पहुंचे और उन्होंने वस्तुस्थिति की जानकारी ली। इस दुखद घटना के संबंध में उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। इसी बीच, थानाध्यक्ष दिव्य ज्योति भी अपना अवकाश समाप्त कर थाने पर लौट आईं।
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के आदेश पर आरोपी सब-इंस्पेक्टर रोशन कुमार के विरुद्ध कार्यस्थल पर कार्यरत महिला गृहरक्षक से छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।
आगे की कानूनी कार्रवाई
बुधवार को थानाध्यक्ष ने पीड़िता को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय से पीड़िता का चिकित्सकीय जांच कराने और न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष बीएन एसएस (BNSS) की धारा 183 के तहत बयान कलमबद्ध कराने का निवेदन किया गया है। वर्तमान में, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना पुलिस विभाग में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है और आंतरिक जांच व कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देती है।







