
भागलपुर समाचार: हौसले और प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा के मोहताज नहीं होते. ये बात तब सच साबित हुई जब भागलपुर के एक केंद्र में दिव्यांगजनों ने अपने हुनर से ऐसी छाप छोड़ी कि देखने वाले बस देखते रह गए.
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर भागलपुर के नाथनगर स्थित बुनियाद केंद्र का माहौल जोश और उत्साह से भरा हुआ था. जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की पहल पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अनूठा मंच मिला. इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर अपने जज्बे का परिचय दिया.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति समाज में जागरूकता लाना और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना था. आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से उन्होंने यह साबित कर दिया कि सही अवसर मिलने पर वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं.
दिव्यांगजनों ने दिखाया अपना हुनर
बुनियाद केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था. उन्होंने विभिन्न कलात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया. हर एक प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित था और उनकी प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया. यह कार्यक्रम केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उनके हौसलों का उत्सव था.
इस तरह के आयोजन दिव्यांगजनों को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यह उन्हें न केवल अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उनमें आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की भावना को भी मजबूत करता है.
सशक्तिकरण और जागरूकता का संदेश
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है. कोषांग लगातार जिले में दिव्यांगजनों के कल्याण और उनके अधिकारों के लिए काम करता रहा है. अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर इस कार्यक्रम का आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था.
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा होता है और लोग उनकी क्षमताओं को पहचानते हैं. कार्यक्रम का सफल आयोजन इस बात का प्रतीक है कि सामूहिक प्रयास से एक समावेशी समाज का निर्माण संभव है.




