
क्या आपने हाल ही में कोई प्रॉपर्टी खरीदी है या खरीदने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। बहुत से लोग प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ कागजी कार्यवाही पर ध्यान देते हैं और यह मान लेते हैं कि सब कुछ ठीक है। लेकिन, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कानून के कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जिन्हें न जानने की वजह से आपकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई प्रॉपर्टी भी कानूनी मुसीबत में फंस सकती है।
GST का वो प्रावधान जो आपको कर सकता है परेशान
GST एक्ट की धारा 83 और 79 के तहत, GST विभाग को यह अधिकार प्राप्त है कि अगर किसी व्यक्ति पर बड़ा GST बकाया है और यह साबित हो जाता है कि उसने अपनी टैक्स देनदारी से बचने के लिए प्रॉपर्टी बेची है, तो विभाग उस व्यक्ति की चल और अचल संपत्ति को अटैच कर सकता है। ऐसे में, अगर आपने ऐसी प्रॉपर्टी खरीदी है, तो वह भी इस कार्रवाई की जद में आ सकती है।
क्यों पड़ता है खरीदार को नुकसान?
अक्सर यह देखा जाता है कि कुछ लोग अपने GST बकाया से बचने के लिए जल्दबाजी में अपनी प्रॉपर्टी बेच देते हैं। ऐसी स्थिति में, प्रॉपर्टी का नया खरीदार अनजाने में एक बड़ी कानूनी और आर्थिक समस्या में पड़ सकता है। हालांकि, सामान्य प्रॉपर्टी सौदों में, GST देनदारी व्यक्ति-विशिष्ट होती है, न कि प्रॉपर्टी-विशिष्ट। इसका सीधा मतलब है कि विक्रेता की GST देनदारी सीधे खरीदार पर लागू नहीं होती।
बिजनेस प्रॉपर्टी खरीदते समय खास ध्यान रखें
लेकिन, जब बात बिजनेस प्रॉपर्टी, जैसे प्लांट, मशीनरी, स्टॉक या अन्य व्यावसायिक संपत्तियों की आती है, तो स्थिति थोड़ी भिन्न हो सकती है। ऐसे मामलों में, GST एक्ट की धारा 85 के तहत देनदारी हस्तांतरित होने की संभावना रहती है। इसलिए, ऐसी प्रॉपर्टी खरीदते समय खरीदार को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
कैसे सुरक्षित रहें?
- सेल डीड में वारंटी क्लॉज: प्रॉपर्टी खरीदते समय, सेल डीड (बिक्री विलेख) में एक वारंटी क्लॉज (Warranty Clause) शामिल करवाना बेहद जरूरी है। यह क्लॉज विक्रेता द्वारा यह आश्वासन देता है कि प्रॉपर्टी पर कोई पूर्व देनदारी या कानूनी बोझ नहीं है।
- एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट की जांच: एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (Encumbrance Certificate) अवश्य जांचें। यह सर्टिफिकेट प्रॉपर्टी पर किसी भी प्रकार के कानूनी देनदारी, जैसे लोन, गिरवी या अन्य बोझ की जानकारी देता है।
- संदेहास्पद छूट से बचें: यदि कोई प्रॉपर्टी असामान्य रूप से कम कीमत या भारी छूट पर मिल रही है, तो सावधान हो जाएं। ऐसी डील्स में अक्सर छिपे हुए टैक्स विवाद या अन्य कानूनी समस्याएं हो सकती हैं।
- GST बकाया की जानकारी: यदि संभव हो, तो विक्रेता से प्रॉपर्टी पर किसी भी मौजूदा GST बकाया के बारे में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करें।
प्रॉपर्टी खरीदते समय थोड़ी सी अतिरिक्त सावधानी आपको भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। हमेशा विशेषज्ञों की सलाह लें और सभी कानूनी पहलुओं की गहन जांच के बाद ही कोई निर्णय लें।







