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अमेरिकी फेड रिजर्व का बड़ा फैसला: लगातार तीसरी बार घटी ब्याज दरें, पर अब लग सकता है ‘ब्रेक’

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दिल्ली/वॉशिंगटन न्यूज़: अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर मंडराते अनिश्चितता के बादल और राष्ट्रपति ट्रंप की लगातार मांग के बीच, फेडरल रिजर्व ने एक बड़ा कदम उठाया है. लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती तो कर दी है, लेकिन इसके साथ ही एक ऐसा संकेत भी दिया है जिसने बाजार में हलचल मचा दी है – क्या अब और कटौती नहीं होगी?

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तीसरी कटौती, लेकिन भविष्य पर सवाल

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर में लगातार तीसरी बार 0.25 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया. इस फैसले के बाद ओवरनाइट लेंडिंग रेट 3.5 प्रतिशत से घटकर 3.75 प्रतिशत के दायरे में आ गई है, जो लगभग तीन सालों में सबसे न्यूनतम स्तर है. हालांकि, इस कटौती के साथ ही फेड ने संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में ब्याज दरें अपरिवर्तित रह सकती हैं.

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फेड रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि फेड आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था की सेहत का गहन मूल्यांकन करेगा और इसी आधार पर भविष्य की नीतिगत दरों पर फैसला लिया जाएगा. फेड अधिकारियों ने भी अगले साल दरों में केवल एक बार कमी किए जाने की उम्मीद जताई है, जो बाजार की उम्मीदों से कम है.

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ट्रंप की संभावित नाराज़गी और ‘हॉकिश कट’

फेड के इस रुख को ‘हॉकिश कट’ कहा जा रहा है, क्योंकि ब्याज दरें घटने के बावजूद फेड का रवैया सख्त बना हुआ है. बाजार को लंबे समय से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी, लेकिन भविष्य की अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.

यह संभव है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फेड के इस फैसले की आलोचना करें. ट्रंप लगातार फेड पर ब्याज दरों में और अधिक कटौती करने का दबाव डाल रहे थे ताकि अर्थव्यवस्था को गति मिल सके. हालांकि, पॉवेल ने साफ किया कि फेड का ध्यान अर्थव्यवस्था के सतत विकास और महंगाई दर को नियंत्रित रखने पर केंद्रित रहेगा.

फेड के भीतर मतभेद और आगे की राह

इस नीतिगत फैसले की एक खास बात यह रही कि तीन फेड अधिकारियों ने इस कटौती के खिलाफ मतदान किया. यह बीते लगभग छह सालों में सबसे अधिक संख्या है, जो फेड के भीतर बढ़ते मतभेदों को उजागर करता है. आमतौर पर फेड सदस्य आपसी सहमति से काम करते हैं, लेकिन इस बार दो अधिकारियों ने दरों में कोई बदलाव न करने के पक्ष में वोट दिया, जबकि फेड गवर्नर स्टीफन मिरान, जिन्हें ट्रंप ने सितंबर में नियुक्त किया था, ने आधे पॉइंट की कटौती के लिए वोट दिया.

पॉवेल ने कहा कि फेड की प्रमुख ब्याज दर अब ऐसे स्तर के करीब है, जो न तो अर्थव्यवस्था को प्रतिबंधित करती है और न ही उसे अत्यधिक प्रोत्साहित करती है. आने वाले समय में फेड अधिकारी अर्थव्यवस्था की चाल और विभिन्न आर्थिक संकेतकों पर बारीकी से नज़र रखेंगे, ताकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान की जा सके.

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