Bihar Supply Officers: बिहार में राशन कार्ड और अन्य विभागीय कार्यों को संभाल रहे आपूर्ति पदाधिकारी अब आर-पार के मूड में हैं. सोमवार को रोहतास अनुमंडल के कई प्रखंडों में आपूर्ति पदाधिकारियों ने काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. बिहार आपूर्ति सेवा संघ के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया है. अधिकारियों ने सरकार से अपनी विभिन्न लंबित मांगों पर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा.
मांगें नहीं मानी तो दो दिन कार्य बहिष्कार, फिर सामूहिक हड़ताल
सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी एहसान करीम ने बताया कि सोमवार को अधिकारियों ने काला बिल्ला लगाकर सरकारी काम किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो अगले चरण में दो दिनों का कार्य बहिष्कार किया जाएगा. यदि इसके बाद भी उनकी मांगें अनसुनी की जाती हैं, तो संघ सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने का कड़ा निर्णय लेगा. इस कदम से राशन कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण जनसेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं.
कैडर पुनर्गठन और संसाधनों की कमी से जूझ रहे पदाधिकारी
बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने विभाग के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जो उनके दैनिक कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक हैं. इनमें कैडर का पुनर्गठन, कार्यालय व्यय की समुचित व्यवस्था और कार्यालय सहायक की नियुक्ति प्रमुख है. पदाधिकारियों का कहना है कि इन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में विभागीय कार्यों को समय पर और कुशलता से पूरा करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
इसके अतिरिक्त, राशन कार्ड बनाने के लिए कंप्यूटर और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है. विभागीय कार्यों के लिए वाहन की व्यवस्था न होने से भी क्षेत्र में काम करने के दौरान कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आती हैं. अधिकारियों ने पदोन्नति एवं वेतनमान की विसंगति दूर करने और संबंधित नियमावली में आवश्यक संशोधन की भी मांग की है. साथ ही, प्रखंड कार्यालय स्तर पर निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी का अधिकार देने और पीडीएस नियमावली 2016 में आवश्यक संशोधन की मांग भी उठाई गई है.
सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी एहसान करीम ने कहा, ‘यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो पहले दो दिनों का कार्य बहिष्कार किया जाएगा. इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गयीं तो सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया जाएगा.’
राशन कार्ड निर्माण पर बढ़ रहा दबाव, सीमित संसाधन
आपूर्ति पदाधिकारियों का कहना है कि वे सीमित संसाधनों के बीच राशन कार्ड निर्माण, ई-केवाईसी और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर की सीडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का लक्ष्य पूरा करने के भारी दबाव में काम कर रहे हैं. क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों के बावजूद अधिकारी और कर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. बिक्रमगंज अनुमंडल सहित विभिन्न प्रखंडों के आपूर्ति पदाधिकारी, जिनमें अभिषेक कुमार, राहुल रंजन, राहुल सिंह और अरविंद सिंह शामिल थे, ने सोमवार को इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.
संघ ने साफ कर दिया है कि राशन कार्ड निर्माण अभियान को सफल बनाने के लिए आपूर्ति पदाधिकारी और कर्मी लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन जरूरी संसाधनों और सुविधाओं की कमी उनकी राह में बड़ी बाधा बन रही है. इन्हीं समस्याओं के समाधान और विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह आंदोलन शुरू किया गया है. यदि जल्द ही मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है, जिसका सीधा असर आम जनता से जुड़ी सेवाओं पर पड़ेगा.







