
Saharsa News: कहते हैं, संकट की घड़ी में ही व्यवस्था की असलियत सामने आती है, और सहरसा मॉडल अस्पताल का कोविड वार्ड कुछ ऐसा ही आईना बन गया है, जहाँ जनप्रतिनिधि के औचक दौरे ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी।
Saharsa News: सहरसा मॉडल अस्पताल में विधायक का ‘ऑपरेशन’, कोविड वार्ड की खुली पोल
Saharsa News: कोविड वार्ड की बदहाली और सवाल
सहरसा मॉडल अस्पताल का कोविड वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार किसी अच्छी वजह से नहीं। स्थानीय विधायक आईपी गुप्ता के औचक निरीक्षण ने अस्पताल प्रबंधन और एंबुलेंस कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने अस्पताल की बैठक में कोविड वार्ड की बदहाली, मरीजों के साथ कथित अन्याय और एंबुलेंस सेवाओं में व्याप्त खामियों को लेकर तीखे तेवर दिखाए। उनके सवालों से बैठक का माहौल गरमा गया और व्यवस्था की कई परतें खुलती चली गईं।
विधायक आईपी गुप्ता ने समीक्षा बैठक में पहुंचते ही सबसे पहले कोविड वार्ड की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लगाया। उन्होंने पूछा कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में कमी क्यों है? क्या मरीजों को समय पर दवा और भोजन मिल रहा है? एंबुलेंस की उपलब्धता और उसके संचालन पर भी उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक मरीजों को बेहतर सुविधाएँ नहीं मिलेंगी, तब तक उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विधायक ने विशेष रूप से एंबुलेंस कर्मियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को भी सुना, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मरीजों को एंबुलेंस सेवा का उचित लाभ मिले। उन्होंने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एनके सिन्हा और अन्य अधिकारियों से कहा कि वे मरीजों की समस्याओं को प्राथमिकता दें और उन्हें दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाएं।
स्वास्थ्य व्यवस्था में खामियां और मरीजों की परेशानी
समीक्षा बैठक के दौरान कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर हुईं। विधायक ने बताया कि उन्हें लगातार मरीजों और उनके परिजनों से शिकायतें मिल रही थीं कि कोविड वार्ड में उचित मरीज सेवा नहीं मिल पा रही है। कहीं दवाइयों की कमी है तो कहीं स्टाफ की मनमानी। इन शिकायतों ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से अस्पताल का दौरा करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में, जब लोग जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में अस्पताल प्रशासन को और अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है। एक-एक मरीज की जान अनमोल है और उनकी देखभाल में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल कर्मियों से मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने की अपील की।
अस्पताल प्रबंधन को कड़ा संदेश
विधायक आईपी गुप्ता ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया कि वे किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि उम्मीद का भी केंद्र होता है। इसलिए, यहां आने वाले हर व्यक्ति को विश्वास और सुकून मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी खामियों को दूर करें और अगली समीक्षा बैठक में सुधारों का स्पष्ट ब्यौरा पेश करें।
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उन्होंने यह भी कहा कि वे इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए रखेंगे और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले, विशेषकर इस महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बैठक के बाद, अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एनके सिन्हा ने आश्वासन दिया कि विधायक द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।




