back to top
⮜ शहर चुनें
जनवरी, 2, 2026

हिन्दू नववर्ष 2026: जानें सनातन परंपरा का पावन आरंभ और विक्रम संवत 2083 का महत्व

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Hindu New Year 2026: भारतीय संस्कृति और आध्यात्म की अमूल्य धरोहरों में से एक, हिंदू नववर्ष का आगमन सदैव एक विशेष उल्लास और नवीन ऊर्जा का संचार करता है। यह केवल कैलेंडर का बदलना नहीं, अपितु प्रकृति के नवजीवन और ब्रह्मांडीय चक्र का प्रतीक है।

- Advertisement -

# हिन्दू नववर्ष 2026: जानें सनातन परंपरा का पावन आरंभ और विक्रम संवत 2083 का महत्व

- Advertisement -

## कब है हिन्दू नववर्ष 2026 का शुभ आरंभ?

- Advertisement -

ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार जनवरी माह से नववर्ष का प्रारंभ होता है, किंतु सनातन धर्म में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नए वर्ष की शुभ शुरुआत मानी जाती है। यह पावन अवसर वर्ष 2026 में कब पड़ेगा, इसकी उत्सुकता भक्तों में स्वाभाविक है। हिंदू नववर्ष 2026 को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में गुड़ी पड़वा, उगादि, चैत्र शुक्लादि जैसे नामों से भी जाना जाता है। इस दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस विशेष अवसर पर, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पर्व चैत्र नवरात्रि के प्रारंभ का भी सूचक है, जब आदिशक्ति माँ दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना आरंभ होती है।

वर्ष 2026 में, हिंदू नववर्ष का पावन पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाएगा, जो कि 18 मार्च 2026, गुरुवार को पड़ने की संभावना है। इसी दिन से नवसंवत्सर 2083 का आरंभ होगा। यह विक्रम संवत 2083 एक नए कालखंड का सूत्रपात करेगा, जिसके अंतर्गत ग्रह-नक्षत्रों की चाल, मौसम का चक्र और जनमानस के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन घर-घर में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, द्वार पर तोरण लगाए जाते हैं और मिष्ठान बनाकर खुशियाँ बांटी जाती हैं।

यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय ज्योतिष, पंचांग और धार्मिक गणनाओं का संगम है, जो हमें प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध का स्मरण कराता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको ऐसे ही गहन आध्यात्मिक विषयों से अवगत कराता है। इस पवित्र दिन पर स्नान-ध्यान के उपरांत ब्रह्मदेव और देवी-देवताओं की पूजा का विधान है। चैत्र प्रतिपदा तिथि का अपना विशिष्ट महत्व है क्योंकि इसी दिन से युगों-युगों से चली आ रही भारतीय कालगणना का क्रम अनवरत जारी है।

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें:  Washing Machine Vastu Tips: घर में वॉशिंग मशीन रखने की सही दिशा क्या है?

इस नववर्ष का आरंभ सभी के लिए सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए, यही हमारी कामना है। विक्रम संवत 2083 का प्रत्येक क्षण आपके जीवन को नई दिशा प्रदान करे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको सत्य और आध्यात्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

यह भी पढ़ें:  Numerology Horoscope Today: 2 जनवरी 2026 का अंक ज्योतिषीय भविष्यफल

इस प्रकार, हिंदू नववर्ष का आगमन केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं, अपितु स्वयं को प्रकृति और परमात्मा से जोड़ने का एक आध्यात्मिक अवसर है। यह हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और ज्योतिषीय महत्व को समझने की प्रेरणा देता है। आशा है यह नववर्ष आपके जीवन में नव चेतना, आरोग्यता और सफलता का संचार करेगा। सभी को हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

गिग वर्कर्स के लिए बड़ी खबर: सरकार ने जारी किए नए नियम, जानें सोशल सिक्योरिटी का लाभ कैसे मिलेगा

Gig Workers: नए साल की पूर्व संध्या पर बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और उचित भुगतान...

मुंबई इंडियंस WPL: 2026 में नई जर्सी में धमाल मचाने को तैयार ‘पलटन’!

मुंबई इंडियंस के दीवानों, तैयार हो जाइए! आपकी पसंदीदा टीम ने WPL के आगामी...

IIT Hyderabad Placements में रिकॉर्ड तोड़ पैकेज: 21 साल के छात्र को मिला 2.5 करोड़ का ऑफर

IIT Hyderabad Placements: देश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए इंडियन...

Premanand Ji Maharaj: क्या चरण स्पर्श से घटता है गुरुजनों का पुण्य? जानें प्रेमानंद महाराज का दिव्य मार्गदर्शन

Premanand Ji Maharaj: सनातन संस्कृति में गुरुजनों और अग्रजों के चरण स्पर्श कर उनका...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें